बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तूफान ‘दित्वाह’ (Ditwah) का असर अब भारत के दक्षिणी तटीय राज्यों पर दिखने लगा है। श्रीलंका में तबाही मचाने के बाद, यह तूफान तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों की ओर तेजी से बढ़ रहा है और आज (30 नवंबर 2025) को लैंडफॉल (तट से टकराना) कर सकता है।
IMD का रेड अलर्ट और स्थिति
- रेड अलर्ट: भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ तटीय जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसका अर्थ है अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका।
- प्रभावित क्षेत्र: चक्रवात के कारण तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।
- तेज हवाएँ: IMD के वैज्ञानिकों के अनुसार, हवा की गति वर्तमान में 70-80 किमी प्रति घंटे है, जो 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। शाम तक हवा की गति धीमी होकर 50-60 किमी प्रति घंटे हो सकती है।
तमिलनाडु में जनजीवन प्रभावित
- तमिलनाडु के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केके एसएसआर रामचंद्रन ने पुष्टि की है कि राज्य में बारिश से संबंधित घटनाओं में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
- रामनाथपुरम और नागपट्टिनम जैसे तटीय जिलों में मूसलाधार बारिश हुई है, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है और फ्लैश फ्लड का खतरा मंडरा रहा है।
- एहतियात के तौर पर कई उड़ानों को रद्द कर दिया गया है, और ट्रेनों के परिचालन पर भी असर पड़ा है।
- तमिलनाडु और पुडुचेरी में प्रशासन ने सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया है।
बचाव और राहत कार्य
- तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश सरकार ने किसी भी विपरीत स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को सबसे अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर दिया है।
- मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे समुद्र में न जाएं, क्योंकि ऊंची लहरें उठने की आशंका है।
- चक्रवात ‘दित्वाह’ को यमन द्वारा नामित किया गया है, जिसका अर्थ ‘लैगून’ होता है। प्रशासन लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और IMD की चेतावनियों का पालन करने की अपील कर रहा है।


