मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने सक्रिय राजनीति में अपनी वापसी का बड़ा एलान किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वह 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं और वह हर हाल में झांसी सीट से ही चुनाव लड़ेंगी। बुंदेलखंड के टीकमगढ़ में उन्होंने यह बयान दिया, जिससे बुंदेलखंड की राजनीति में हलचल मच गई है।
2029 के लिए झांसी पर नज़र
उमा भारती ने कहा कि उनकी इच्छा है कि वह 2029 का लोकसभा चुनाव झांसी से लड़ें, क्योंकि यह क्षेत्र उनकी जन्मभूमि के नज़दीक है और वहां की जनता से उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। वह 2014 के लोकसभा चुनाव में भी झांसी सीट से सांसद चुनी गई थीं और केंद्र सरकार में मंत्री भी बनी थीं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह तभी चुनाव लड़ेंगी जब पार्टी उन्हें टिकट देगी। उन्होंने कहा, “अबकी बार, अगर पार्टी कहेगी, तो मैं ‘ना’ नहीं करूंगी। मैं लोकसभा का चुनाव लडूंगी और मैं झांसी से ही लडूंगी।”
2024 का चुनाव न लड़ने का कारण
उमा भारती ने बताया कि उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव क्यों नहीं लड़ा। उन्होंने कहा कि 2024 के चुनाव न लड़ने का मुख्य कारण यह था कि वह गंगा संरक्षण और गौसेवा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए पूरी आज़ादी चाहती थीं। उन्होंने कहा कि अगर वह चुनाव लड़कर संसद क्षेत्र की ज़िम्मेदारी लेतीं, तो उन्हें गंगा और गौसेवा के लिए पूरे मन से काम करने का समय नहीं मिल पाता।
भारत सांस्कृतिक रूप से हिंदू राष्ट्र है और हमेशा रहेगा
हिंदू राष्ट्र पर उमा भारती ने कहा कि भारत सांस्कृतिक रूप से हिंदू राष्ट्र है और हमेशा रहेगा। यह विचार सांप्रदायिकता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान का विषय है। प्रेम विवाह को लेकर उन्होंने प्रगतिशील रुख अपनाते हुए कहा कि यदि दोनों परिवार सहमत हों तो जाति कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।


