पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव चरम पर पहुँच गया है। 2 मार्च 2026 की ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान ने अपने सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ (Operation Ghazab-lil-Haq) के तहत अफगानिस्तान को भारी नुकसान पहुँचाने का दावा किया है। पाकिस्तानी सूचना एवं प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तारड़ ने सोशल मीडिया पर इस सैन्य कार्रवाई के आंकड़े साझा किए।
पाकिस्तानी सरकार और सेना द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार (27 फरवरी) को शुरू हुए इस ऑपरेशन में अब तक निम्नलिखित नुकसान का दावा किया गया है। पाकिस्तान का दावा है कि इस कार्रवाई में 415 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 580 से अधिक घायल हुए हैं।
पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के अंदर 182 चेक पोस्ट को नष्ट कर दिया है और 31 पोस्ट पर कब्जा कर लिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 185 टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां और आर्टिलरी गन को तबाह किया गया है। पाकिस्तान एयरफोर्स ने अफगानिस्तान में काबुल, कंधार और पक्तिया सहित 46 ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं।
संघर्ष की वजह
पाकिस्तान का कहना है कि यह ऑपरेशन खैबर पख्तूनख्वा के विभिन्न क्षेत्रों (चितराल, खैबर, बाजौर आदि) में अफगान तालिबान द्वारा की गई “बिना उकसावे की गोलीबारी” के जवाब में शुरू किया गया था। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान पर अपनी धरती पर आतंकी समूहों (जैसे TTP) को शरण देने का आरोप लगाता रहा है।
अफगानिस्तान का रुख और वैश्विक चिंता
दूसरी ओर, तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तान के दावों को खारिज करते हुए इसे नागरिकों पर हमला बताया है। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मारने और उनके कुछ विमानों को गिराने का दावा भी किया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) ने दोनों देशों से तत्काल युद्ध विराम की अपील की है, क्योंकि इस हिंसा का सबसे बुरा असर नागरिक आबादी पर पड़ रहा है।
भविष्य की स्थिति
वर्तमान में डूरंड रेखा (Durand Line) के दोनों ओर भारी गोलाबारी जारी है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे “खुला युद्ध” करार दिया है, जिससे क्षेत्र में स्थिरता को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो गया है।


