संसद के बजट सत्र के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस सांसदों पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का अपमान करने और उनके साथ बदसलूकी करने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रमुख आरोप और घटनाक्रम:
- स्पीकर के कक्ष में हंगामा: रिजिजू ने दावा किया कि बुधवार (11 फरवरी) को कांग्रेस के लगभग 20-25 सांसद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कक्ष (Chamber) में घुस गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों ने वहां स्पीकर के खिलाफ अभद्र भाषा और गालियों का इस्तेमाल किया।
- वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी: रिजिजू के अनुसार, इस घटना के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा और केसी वेणुगोपाल जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी वहां मौजूद थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता सांसदों को उकसा रहे थे।
- सदन में नियमों की अनदेखी: रिजिजू ने सदन में बोलने की अनुमति को लेकर हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का यह कहना कि उन्हें बोलने के लिए किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है, संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ है। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री तक को सदन में बोलने के लिए चेयर (अध्यक्ष) की अनुमति लेनी होती है।
- स्पीकर हुए आहत: संसदीय कार्य मंत्री ने बताया कि इन घटनाओं से ओम बिरला काफी आहत हैं। रिजिजू ने कहा कि स्पीकर का स्वभाव बहुत शांत है, अन्यथा ऐसी अनुशासनहीनता पर बहुत सख्त कार्रवाई की जा सकती थी।
विवाद की पृष्ठभूमि:
यह तनाव पिछले कुछ दिनों से जारी गतिरोध का परिणाम है:
- अविश्वास प्रस्ताव: विपक्ष ने ओम बिरला के खिलाफ पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया है।
- सदन का बहिष्कार: ओम बिरला ने फैसला किया है कि जब तक इस अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय नहीं हो जाता, वे सदन की कार्यवाही का संचालन करने के लिए कुर्सी पर नहीं बैठेंगे।
- अग्निपथ और राहुल गांधी: राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक का मुद्दा उठाने और उन्हें बोलने से रोके जाने के बाद से विपक्ष लगातार हमलावर है।
भाजपा सांसदों, विशेषकर महिला सांसदों ने भी स्पीकर को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि विपक्षी सांसदों ने सदन के भीतर भी अभद्र व्यवहार किया और प्रधानमंत्री की सीट को घेरने की कोशिश की।


