यूपीएससी (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का सपना देखने वाले लाखों युवाओं के लिए पक्षल की कहानी एक मिसाल बन गई है। हाल ही में घोषित परिणामों में 8वीं रैंक हासिल करने वाले पक्षाल ने साबित कर दिया है कि दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के आगे कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं है।
कड़ी मेहनत और अनुशासन
MP के धार जिले के बाग कस्बे के पक्षाल सेकेट्री (जैन) पक्षल की सफलता का सबसे चर्चित पहलू उनकी पढ़ाई का शेड्यूल है। उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान प्रतिदिन 18 से 20 घंटे पढ़ाई की। पक्षल ने बताया कि उन्होंने परीक्षा से पहले के महीनों में अपनी नींद को न्यूनतम कर दिया था ताकि वे अधिक से अधिक समय सिलेबस को दोहराने में बिता सकें। उन्होंने केवल किताबों तक सीमित रहने के बजाय, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों (PYQ) और मॉक टेस्ट पर विशेष ध्यान दिया।
संघर्ष और चुनौतियां
पक्षाल का सफर आसान नहीं था। पहले के प्रयासों में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।
- नोट्स का महत्व: पक्षाल ने अपनी तैयारी के दौरान संक्षिप्त और प्रभावी नोट्स बनाए। उनका मानना है कि अंतिम समय में भारी-भरकम किताबों के बजाय अपने खुद के नोट्स रिवीजन में सबसे ज्यादा मददगार साबित होते हैं।
- सीमित साधन: उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया और मनोरंजन के साधनों से पूरी तरह दूरी बना ली थी। उनका पूरा फोकस केवल ‘अखबारों के विश्लेषण’ और ‘करेंट अफेयर्स’ को समझने पर था।
युवाओं के लिए संदेश
पक्षाल ने उन छात्रों को सलाह दी है जो UPSC की तैयारी कर रहे हैं:
- निरंतरता (Consistency): पढ़ाई के घंटों से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि आप हर दिन बिना रुके पढ़ते रहें।
- संसाधनों का चयन: बहुत सारी किताबें पढ़ने के बजाय, चुनिंदा और मानक किताबों को कई बार पढ़ें।
- आत्मविश्वास: खुद पर भरोसा रखें। असफलताएं जीवन का हिस्सा हैं, उन्हें अपनी कमी सुधारने का अवसर मानें।
पक्षाल अब अपनी ट्रेनिंग शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए हुआ है, और वे अपने गृह राज्य में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
पक्षाल की कहानी यह बताती है कि यूपीएससी जैसे कठिन इम्तिहान में ‘स्मार्ट वर्क’ और ‘हार्ड वर्क’ का सही मिश्रण ही सफलता की कुंजी है।


