बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की मुख्य भूमिकाओं वाली साइकोलॉजिकल रोमांटिक थ्रिलर फिल्म ‘तू है मेरी किरण’ आज 23 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। करण रावल के निर्देशन में बनी यह फिल्म 1993 की आइकॉनिक फिल्म ‘डर’ के मशहूर गाने की याद दिलाती है, जो एक जुनूनी आशिक की कहानी पर आधारित थी। हालांकि, इस बार फिल्म में स्टॉकिंग के साथ टाइम-ट्रैवल का नया तड़का भी जोड़ा गया है।
कहानी (Plot): फिल्म की कहानी मसूरी की एक बेस्टसेलर लेखिका किरण मित्तल (सोनाक्षी सिन्हा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी दूसरी किताब लिखने के लिए संघर्ष कर रही है। पति रियान मल्होत्रा (अंकित गुप्ता) के साथ नए घर में शिफ्ट होने के बाद उसे एक पुराना फ्लिप फोन मिलता है। यह जादुई फोन 2026 की किरण को 2016 में रह रहे समर (जहीर इकबाल) से जोड़ देता है। शुरुआत में यह कनेक्शन दोनों के लिए फायदेमंद साबित होता है, लेकिन धीरे-धीरे समर का प्यार खतरनाक जुनून और ऑब्सेशन में बदल जाता है। 2016 में समर द्वारा किए गए छोटे-छोटे बदलाव भी 2026 की किरण की हकीकत को बदलने लगते हैं।
अभिनय (Performances):
- सोनाक्षी सिन्हा: फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी सोनाक्षी सिन्हा हैं। उन्होंने एक आत्मविश्वासी लेखिका से लेकर डर, कन्फ्यूजन और इमोशनल उलझनों तक, किरदार के हर पहलू को बेहतरीन तरीके से पर्दे पर उतारा है।
- जहीर इकबाल: जहीर सरप्राइज पैकेज साबित हुए हैं। एक मासूम बेरोजगार लड़के से लेकर खतरनाक स्टॉकर तक के सफर में वह काफी हद तक सहज नजर आए हैं।
- अन्य कलाकार: अंकित गुप्ता (पति के रूप में) और जरिना वहाब (समर की मां के रूप में) ने अपने किरदारों के साथ न्याय किया है।
डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष: निर्देशक करण रावल ने पहले हाफ में सस्पेंस बनाए रखने और टाइमलाइन जंप को दर्शकों के लिए आसान बनाने में अच्छा काम किया है। हालांकि, दूसरे हाफ में फिल्म की कहानी बिखर जाती है और लॉजिक कमजोर पड़ने लगता है। सिनेमैटोग्राफी और प्रोडक्शन डिजाइन काफी क्लासी है, जबकि बैकग्राउंड स्कोर कई जगहों पर जरूरत से ज्यादा लाउड महसूस होता है।
फाइनल वर्डिक्ट: ‘तू है मेरी किरण’ एक शानदार और दिलचस्प आइडिया पर आधारित है, लेकिन कमजोर एग्जीक्यूशन की वजह से यह गच्चा खा जाती है। अगर आप सोनाक्षी और जहीर की बेहतरीन एक्टिंग और एक अलग तरह की थ्रिलर देखना चाहते हैं, तो एक बार इसे देख सकते हैं। लेकिन एक टाइट और लॉजिकल थ्रिलर की उम्मीद रखने वालों को यह निराश कर सकती है।
(रेटिंग: 2.5/5)


