न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने रोमांचक जीत दर्ज कर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली। हालांकि, इस जीत के बीच भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया, जिसे वह जल्द से जल्द भुलाना चाहेंगे। क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले गए मुकाबले में संजू न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी के सामने रन बनाने के लिए जूझते नजर आए। वह पारी के पहले ओवर में एक भी रन नहीं बना सके।
मैट हेनरी ने पहले ओवर में बांधे संजू के हाथ
181 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की ओर से संजू सैमसन ओपनिंग करने आए। न्यूजीलैंड के लिए गेंदबाजी की शुरुआत मैट हेनरी ने की। कीवी तेज गेंदबाज ने शुरुआती छह गेंदों पर संजू को रन बनाने का कोई मौका नहीं दिया। उनकी सटीक लाइन और लेंथ के सामने भारतीय बल्लेबाज को संभलकर खेलना पड़ा।
हेनरी की गेंदों पर संजू लगातार रन बनाने के लिए संघर्ष करते रहे। इस तरह भारतीय पारी का पहला ओवर मेडन रहा। टी20 क्रिकेट में जहां पावरप्ले के दौरान तेजी से रन बनाने पर जोर रहता है, वहीं भारतीय टीम ने बिना कोई रन बनाए पहला ओवर गंवा दिया।
संजू की परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। वह अपनी पारी को बड़ी पारी में बदलने में भी नाकाम रहे। उन्होंने 17 गेंदों का सामना करते हुए 14 रन बनाए। उनकी पारी का अंत जैकब डफी ने किया।
टी20 अंतरराष्ट्रीय में ऐसा करने वाले पांचवें भारतीय
संजू सैमसन अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की ओर से पारी का पहला ओवर मेडन खेलने वाले पांचवें बल्लेबाज बन गए हैं। इस सूची में सबसे ऊपर केएल राहुल का नाम है, जिन्होंने पांच बार पारी के शुरुआती ओवर में कोई रन नहीं बनाया।
इस सूची में शिखर धवन, रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल भी शामिल हैं। इन तीनों बल्लेबाजों के नाम एक-एक बार पारी का पहला ओवर मेडन खेलने का रिकॉर्ड है। अब संजू भी इस सूची में शामिल हो गए हैं।
हालांकि, एक ओवर में रन नहीं बना पाना किसी बल्लेबाज की पूरी क्षमता का आकलन नहीं करता। संजू की पहचान आक्रामक बल्लेबाजी के लिए है, लेकिन इस मुकाबले में मैट हेनरी ने शुरुआत में ही उन्हें दबाव में डाल दिया।
112 रन पर छह विकेट गंवाकर मुश्किल में थी टीम इंडिया
मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 180 रन बनाए। ग्लेन फिलिप्स ने 70 रन की शानदार पारी खेली, जबकि बेवन जैकब्स ने 58 रन बनाकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। भारत के सामने जीत के लिए 181 रन का लक्ष्य था।
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। संजू सैमसन के अलावा दूसरे बल्लेबाज भी लगातार विकेट गंवाते रहे। एक समय भारत ने 112 रन पर छह विकेट खो दिए थे। मुकाबला न्यूजीलैंड के पक्ष में जाता दिखाई दे रहा था।
तिलक वर्मा और नितीश रेड्डी ने दिलाई जीत
मुश्किल परिस्थितियों में तिलक वर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पलट दिया। तिलक ने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए, जिसमें छह चौके और एक छक्का शामिल रहा। वहीं, नितीश ने 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन की पारी खेली।
दोनों बल्लेबाजों ने सातवें विकेट के लिए महज 30 गेंदों में 69 रन की अटूट साझेदारी की। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर भारत ने 19.5 ओवर में छह विकेट खोकर 181 रन बना लिए और मुकाबला चार विकेट से जीत लिया। तिलक वर्मा को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
इस तरह संजू सैमसन के नाम भले ही अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज हुआ, लेकिन तिलक वर्मा और नितीश रेड्डी की बेहतरीन साझेदारी ने भारतीय टीम को जीत दिला दी। सीरीज में 2-0 की बढ़त के साथ अब भारत की नजरें अगले मुकाबले में भी अपना प्रदर्शन बरकरार रखने पर होंगी।


