दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले केंद्र सरकार ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की 70 कंपनियों को दिल्ली बुलाया जा रहा है। इन कंपनियों में करीब 7,000 जवान शामिल हैं। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए यह कदम उठाया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में जुटने का आह्वान किया है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार किया है। ऐसे में जंतर-मंतर और उसके आसपास सुरक्षा इंतजामों को लेकर प्रशासन सतर्क है।
गृह मंत्रालय ने बताया ‘बेहद जरूरी’
रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय की ओर से जारी निर्देशों में जवानों की तैनाती को ‘मोस्ट अर्जेंट’ यानी बेहद जरूरी बताया गया है। पश्चिम बंगाल से CRPF की 40 कंपनियों को तुरंत दिल्ली भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई, जबकि छत्तीसगढ़ सेक्टर की 30 कंपनियों को राजधानी में कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
जवानों को आधुनिक दंगा-रोधी उपकरण, आवश्यक हथियार और निर्धारित मात्रा में गोला-बारूद साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, उन्हें ड्यूटी की प्रकृति, अनुशासन और सुरक्षा संबंधी सावधानियों की जानकारी देने को कहा गया है। ये कंपनियां दिल्ली पुलिस और अन्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अतिरिक्त तैनाती के अलावा होंगी।
दिल्ली में 23 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की तैयारी
सुरक्षा व्यवस्था केवल 7,000 CRPF जवानों तक सीमित नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की कुल 221 कंपनियां, यानी लगभग 23,000 जवान उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा, दिल्ली पुलिस के करीब 15,000 कर्मियों को भी तैनात किए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्रशासन की नजर जंतर-मंतर के साथ-साथ राजधानी के प्रमुख इलाकों, सरकारी प्रतिष्ठानों और आवाजाही के अहम रास्तों पर भी है। पुलिस ने भीड़ जुटने की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ाई है। प्रदर्शन के मद्देनजर यातायात और सार्वजनिक परिवहन पर भी कुछ प्रतिबंध लगाए जाने की खबरें हैं। मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों को लेकर भी प्रस्ताव सामने आया है, हालांकि संबंधित प्रतिबंधों की अंतिम स्थिति की पुष्टि जरूरी है।
अमित शाह दिल्ली में रहकर रख रहे नजर
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा तैयारियों के बीच अपने कुछ पूर्व निर्धारित राज्यों के दौरे रद्द कर दिए हैं। CJP की ओर से प्रदर्शन का आह्वान किए जाने के बाद गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं।
प्रदर्शन की अनुमति नहीं, पुलिस ने दी कार्रवाई की चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन की सूचना निर्धारित समय से काफी देर से दी गई। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू होने की भी खबर है। पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
CJP और उससे जुड़े प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में अनियमितताएं हुई हैं। चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर लगाए गए इन आरोपों को संबंधित पक्षों के रुख के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
फिलहाल, 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ यातायात और आम लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने की चुनौती भी है।


