तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के फैसले के बाद कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपनी ही पार्टी के इतिहास की जानकारी नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के अतीत और कई क्षेत्रीय दलों के गठन का हवाला देते हुए राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने लगाया था ‘पार्टी चोरी’ का आरोप
दरअसल, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में आगामी उपचुनावों को लेकर TMC के नाम और ‘फूल-घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। यह फैसला पार्टी के दो गुटों के बीच विवाद के बाद आया है। राहुल गांधी ने इस मामले पर चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पहले शिवसेना, फिर NCP और अब TMC को लेकर एक जैसा पैटर्न दिखाई दे रहा है। उनके मुताबिक बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर विपक्षी दलों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने इसे ‘वोट चोरी, सरकार चोरी और अब पार्टी चोरी’ से जोड़ते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि मामला सिर्फ ममता बनर्जी का नहीं, बल्कि उन सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं से जुड़ा है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं।
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के इतिहास का किया जिक्र
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी को यह समझना चाहिए कि जिन दलों का वे उदाहरण दे रहे हैं, उनमें से कई का गठन कांग्रेस से अलग होकर हुआ था। उन्होंने ममता बनर्जी और शरद पवार का उदाहरण दिया। त्रिवेदी के अनुसार ममता बनर्जी ने कांग्रेस से अलग होकर 1997 में तृणमूल कांग्रेस बनाई थी, जबकि शरद पवार ने कांग्रेस से अलग होकर NCP का गठन किया था।
बीजेपी नेता ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें अपनी पार्टी का इतिहास तक पता नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के भीतर पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए 1969 के राष्ट्रपति चुनाव का उदाहरण भी दिया। उनका आरोप था कि उस समय इंदिरा गांधी ने पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग जाकर मतदान का रास्ता अपनाया था।
चंद्रशेखर, चरण सिंह और देवगौड़ा का भी जिक्र
सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर दूसरे दलों और नेताओं के साथ राजनीतिक व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने चौधरी चरण सिंह, चंद्रशेखर, एचडी देवगौड़ा और आईके गुजराल की सरकारों का जिक्र किया। बीजेपी नेता के मुताबिक कांग्रेस ने अलग-अलग समय पर सहयोगी दलों या सरकारों के साथ ऐसा राजनीतिक रुख अपनाया, जिससे सरकारें प्रभावित हुईं।
उन्होंने राजस्थान की राजनीति और कांग्रेस से अलग हुए कुछ नेताओं का भी उल्लेख किया। त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी को विपक्षी दलों पर आरोप लगाने से पहले कांग्रेस और उसके राजनीतिक इतिहास को भी देखना चाहिए। उनके बयान में कांग्रेस के भीतर हुए पुराने विभाजन और नेताओं के पार्टी से अलग होने के घटनाक्रमों को राहुल गांधी के आरोपों के जवाब के तौर पर पेश किया गया।
इस तरह TMC के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच व्यापक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। राहुल गांधी जहां चुनाव आयोग के फैसले को विपक्षी दलों को कमजोर करने की कोशिश से जोड़ रहे हैं, वहीं बीजेपी इस आरोप का जवाब कांग्रेस के पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देकर दे रही है।


