गुरुग्राम में पार्किंग को लेकर हुआ एक विवाद उस समय हिंसक हो गया, जब कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ का हिस्सा रहे रिटायर्ड ग्रुप कैप्टन अमित कुमार गुप्ता पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया गया। घटना 10 सितंबर की रात सेक्टर-58 स्थित मैग्नम ग्लोबल पार्क में हुई। हमले में पूर्व अधिकारी के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं, जबकि उनकी कोहनी में फ्रैक्चर हो गया। इलाज के दौरान उनकी कोहनी की सर्जरी करनी पड़ी।
परिवार के साथ डिनर के लिए गए थे
अमित कुमार गुप्ता अपने परिवार के साथ मैग्नम ग्लोबल पार्क स्थित गोंजो रेस्टोरेंट में डिनर करने पहुंचे थे। रात करीब आठ बजे उन्होंने परिवार को रेस्टोरेंट के बाहर उतारा और खुद कार पार्क करने के लिए जगह तलाशने लगे। गुप्ता के मुताबिक, पार्किंग कर्मचारियों ने उन्हें पहले वैलेट पार्किंग, फिर बेसमेंट और इसके बाद मल्टीलेवल पार्किंग की ओर जाने को कहा। आरोप है कि कई जगह भेजने के बाद भी उनकी कार पार्क करने से इनकार कर दिया गया।
कार के शीशे पर वार के बाद बढ़ा विवाद
पुलिस को दी शिकायत में गुप्ता ने आरोप लगाया कि जब वह अपनी कार पीछे कर रहे थे, तभी एक पार्किंग अटेंडेंट ने उनकी कार की विंडशील्ड पर जोर से वार किया। इस पर उन्होंने आपत्ति जताई। आरोप है कि इसके बाद पार्किंग कर्मचारी लोहे की रॉड लेकर वापस आया और उन पर हमला कर दिया।
गुप्ता के अनुसार, रॉड का पहला वार उनके हाथ पर लगा, जिससे कोहनी में फ्रैक्चर हो गया। इसके बाद सिर पर हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और सिर से खून निकलने लगा। उन्होंने आरोपी पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
मदद में देरी का भी आरोप
पूर्व वायुसेना अधिकारी का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने पुलिस हेल्पलाइन पर फोन कर मदद मांगी, लेकिन करीब आधे घंटे तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। उनके मुताबिक, मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों और अन्य कर्मचारियों ने भी तत्काल प्रभावी तरीके से हस्तक्षेप नहीं किया। बाद में रेस्टोरेंट के एक शेफ ने बीच-बचाव किया। इसके बाद घायल गुप्ता को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया।
गुप्ता को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी कोहनी की हड्डी को प्लेट के जरिए जोड़ने के लिए ऑपरेशन किया गया। उन्होंने अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि रिपोर्ट में उनकी चोटों की गंभीरता का सही तरीके से उल्लेख नहीं किया गया।
1999 के कारगिल युद्ध में निभाई थी भूमिका
इस पूरे मामले को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि अमित कुमार गुप्ता 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन सफेद सागर में शामिल रहे थे। कारगिल संघर्ष के दौरान भारतीय वायुसेना ने इस अभियान के तहत दुर्गम पहाड़ी इलाकों में पाकिस्तानी घुसपैठियों के ठिकानों को निशाना बनाया था।
अब सेवानिवृत्त अधिकारी ने पुलिस से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने हमले की गंभीरता को देखते हुए हत्या के प्रयास समेत कठोर धाराओं में कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच जारी है और घटना से जुड़े आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
यह घटना गुरुग्राम में पार्किंग जैसे मामूली विवाद के हिंसक रूप लेने पर भी सवाल खड़े करती है। खासकर तब, जब विवाद में एक बुजुर्ग और पूर्व सैन्य अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो जाएं और उन्हें अस्पताल में सर्जरी तक करानी पड़े।


