अमेरिका ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। अमेरिकी दक्षिणी कमान (US Southern Command) ने सोमवार को पूर्वी प्रशांत महासागर में एक और इक्वाडोरियन जहाज को डुबो दिया। अमेरिका का आरोप है कि यह जहाज कुख्यात आपराधिक संगठन लॉस चोनेरोस (Los Choneros) से जुड़ा था और समुद्र में ड्रग तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले लॉजिस्टिक नेटवर्क का हिस्सा था। यह पिछले दो सप्ताह से भी कम समय में अमेरिकी सेना की ओर से निशाना बनाया गया पांचवां जहाज है।
ईंधन भरने वाले जहाज को बनाया निशाना
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, जिस जहाज को निशाना बनाया गया, वह कथित तौर पर समुद्र में ड्रग तस्करी करने वाली नावों के लिए एक तैरता हुआ ईंधन स्टेशन था। संयुक्त टास्क फोर्स ने पहले जहाज को रोका और उसमें सवार लोगों को अपने कब्जे में लिया। इन लोगों को आगे इक्वाडोर के अधिकारियों को सौंपे जाने की बात कही गई है।
अमेरिकी सेना की ओर से जारी वीडियो में सैन्यकर्मियों को जहाज पर चढ़ते हुए दिखाया गया। इसके बाद हेलीकॉप्टर के जरिए निगरानी और फिर एक प्रक्षेप्य से जहाज को निशाना बनाकर डुबोते हुए दिखाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य पश्चिमी गोलार्ध में ड्रग तस्करी को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क की लॉजिस्टिक क्षमता को खत्म करना है।
पांच जहाजों पर कार्रवाई
ताजा कार्रवाई से पहले भी अमेरिका ने इक्वाडोर से जुड़े कई जहाजों को निशाना बनाया है। इनमें María Candelaria, OM2 और Los Tres Hermanos समेत अन्य पोत शामिल हैं। अमेरिकी कमान का दावा है कि इन जहाजों का इस्तेमाल कई संदिग्ध ड्रग-तस्करी नौकाओं को सहायता देने के लिए किया जा रहा था।
हालांकि, इन अभियानों को लेकर विवाद भी बढ़ रहा है। कुछ जहाजों के चालक दल के परिजनों का कहना है कि उनके रिश्तेदार मछुआरे थे और उनके जहाजों पर ड्रग्स नहीं मिले। इक्वाडोर सरकार ने हाल की कुछ कार्रवाइयों को अमेरिका के साथ चल रही संयुक्त मादक पदार्थ विरोधी जांच का हिस्सा बताया है, जबकि मानवाधिकार संगठनों और आलोचकों ने समुद्र में घातक सैन्य बल के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।
68 अभियानों में 227 लोगों की मौत
अमेरिकी कार्रवाई का सबसे गंभीर पहलू इससे जुड़ा मौतों का आंकड़ा है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, कैरेबियन और प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी सरकार की ओर से शुरू किए गए 68 हमलों में अब तक कम से कम 227 लोगों की मौत हो चुकी है। आलोचकों का कहना है कि इन हमलों की कानूनी वैधता और प्रभावशीलता दोनों पर गंभीर सवाल उठते हैं। कुछ मामलों में इक्वाडोर के अधिकारियों को ऐसे लोगों के खिलाफ आपराधिक गतिविधि का सबूत भी नहीं मिला, जो अमेरिकी कार्रवाई के बाद बचाए गए थे।
क्यों अहम है लॉस चोनेरोस?
लॉस चोनेरोस इक्वाडोर का एक बड़ा आपराधिक संगठन है, जिसे अमेरिका विदेशी आतंकवादी संगठन मानता है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि यह समूह ड्रग तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इक्वाडोर की सरकार भी अमेरिका के साथ मिलकर इस नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है।
लगातार सैन्य कार्रवाइयों से साफ है कि वॉशिंगटन समुद्री ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान को और आक्रामक बनाने की दिशा में बढ़ रहा है। लेकिन 227 मौतों का आंकड़ा सामने आने के बाद यह अभियान अब सिर्फ नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि मानवाधिकार, अंतरराष्ट्रीय कानून और सैन्य कार्रवाई की सीमाओं को लेकर भी बड़ी बहस का विषय बन गया है।


