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    ब्रिक्स के लिए तैयार दिल्ली, 24 घंटे निगरानी, 10 दिन हाई अलर्ट, इन देशों के नेता आएंगे

    राजधानी दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र को करीब 10 दिनों तक हाई अलर्ट मोड में रखा जाएगा। नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) 5 सितंबर से 14 सितंबर तक चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा।

    ब्रिक्स सम्मेलन 11 से 13 सितंबर तक भारत मंडपम में प्रस्तावित है। इस दौरान राजधानी में सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, बिजली, स्वास्थ्य, अग्निशमन और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े विभागों के बीच बेहतर तालमेल सबसे बड़ी चुनौती होगी। रात के समय भी NDMC के प्रमुख विभागों का एक-एक नोडल अधिकारी कंट्रोल रूम में मौजूद रहेगा। किसी भी शिकायत या समस्या की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।

    हर विभाग की 24 घंटे निगरानी

    NDMC के सिविल, हॉर्टिकल्चर, पब्लिक हेल्थ, एन्फोर्समेंट, इलेक्ट्रिकल, ट्रांसपोर्ट, फायर और सिक्योरिटी विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय की जिम्मेदारी मुख्य सुरक्षा अधिकारी संभालेंगे। CPWD समेत दूसरी एजेंसियों के नोडल अधिकारी भी लगातार संपर्क में रहेंगे। शिकायत मिलने से लेकर उसके समाधान तक की पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखने के लिए लॉगबुक तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

    41 प्रमुख सड़कों पर खास नजर

    सम्मेलन के मद्देनजर नई दिल्ली की 41 प्रमुख सड़कों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इनमें से 32 सड़कों पर रंग-रोगन और रखरखाव का काम पूरा किया जा चुका है। रात में यांत्रिक सफाई के साथ सड़कों की धुलाई की जाएगी। जलभराव की आशंका वाले स्थानों की पहचान कर नालों की सफाई कराई गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पंप भी लगाए गए हैं।

    राजधानी को अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के स्वागत के लिए सजाने का काम भी चल रहा है। 17 प्रमुख गोलचक्करों पर सजावटी रोशनी लगाई जा रही है। 11 बड़े होटलों और 10 NDMC भवनों को भी रोशन किया जाएगा। इसके अलावा 15 हजार से ज्यादा गमले, फूलों से सजे बोर्ड और फव्वारे लगाए जा रहे हैं। सम्मेलन की ब्रांडिंग के लिए 309 स्थानों को तैयार किया गया है।

    ट्रैफिक भी बड़ी चुनौती

    विदेशी मेहमानों के काफिले की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी व्यापक इंतजाम किए हैं। 5 सितंबर को मोटरकेड रिहर्सल के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर यातायात नियंत्रित रहेगा। 22 डायवर्जन प्वाइंट और 35 से अधिक सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव की तैयारी है।

    समिट से पहले दिल्ली में हुई भारी बारिश और जलभराव ने प्रशासन की चुनौती बढ़ा दी है। एयरपोर्ट और मध्य दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ था। ऐसे में सम्मेलन के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ मौसम और यातायात प्रबंधन पर भी एजेंसियों को लगातार नजर रखनी होगी। ब्रिक्स सम्मेलन के चलते राष्ट्रीय प्राणी उद्यान भी 11 से 13 सितंबर तक पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। 14 सितंबर से इसे दोबारा खोलने की उम्मीद है।

    ब्रिक्स में किन देशों के नेता आएंगे?

    भारत 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों के शीर्ष नेता और साझेदार देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन में मेजबान देश भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हिस्सा लेंगे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के भी नई दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। पुतिन की भागीदारी की पुष्टि हो चुकी है, जबकि शी जिनपिंग के दौरे को लेकर तैयारियां जारी हैं।

    इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ब्राजील और संयुक्त अरब अमीरात समेत अन्य ब्रिक्स सदस्य एवं साझेदार देशों के शीर्ष नेता या उनके प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं। विस्तारित ब्रिक्स में अब 11 सदस्य देश हैं। सम्मेलन में आर्थिक सहयोग, व्यापार, वैश्विक शासन, ऊर्जा, तकनीक और सीमा-पार डिजिटल भुगतान जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

    मोदी-शी जिनपिंग और मोदी-पुतिन की मुलाकात इस सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाओं में शामिल हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के भी सम्मेलन में भाग लेने की जानकारी सामने आई है।

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