नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर पड़ोसी देश को हर संभव मानवीय सहायता देने की अपील की है। उन्होंने नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित और जल्द वापसी के लिए बचाव एवं निकासी अभियान तेज करने की भी मांग की। खरगे ने अपने पत्र में कहा कि भारत और नेपाल के लोगों के बीच गहरे और लंबे समय से चले आ रहे संबंध हैं। ऐसे संकट के समय भारत को अपने पड़ोसी के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए व्यापक मानवीय और आपदा राहत सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बाढ़ के कारण नेपाल में बड़े पैमाने पर जान-माल और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। हजारों लोग भोजन, दवाइयों, आश्रय और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। उन्होंने केंद्र से नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर राहत अभियान को और मजबूत करने की अपील की।
भारतीयों की सुरक्षित वापसी पर जोर
खरगे ने नेपाल के अलग-अलग हिस्सों में फंसे भारतीय नागरिकों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री से संबंधित एजेंसियों को खोज, बचाव और निकासी अभियान तेज करने के निर्देश देने की मांग की, ताकि प्रभावित भारतीयों को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत लाया जा सके।
रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। ऐसे में उनके परिजनों की चिंता बढ़ी हुई है। खरगे ने सरकार से प्रभावित नागरिकों की पहचान और उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।
भारत पहले से राहत अभियान में जुटा
नेपाल की त्रासदी के बीच भारत पहले ही राहत और बचाव प्रयासों में सहयोग कर रहा है। भारत ने नेपाल को राहत सामग्री भेजने के साथ विशेषज्ञ टीम की मदद भी उपलब्ध कराई है। एक 11 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम, जिसमें मेडिकल विशेषज्ञ और सुरंग बचाव अभियान से जुड़े विशेषज्ञ शामिल हैं, नेपाल पहुंच चुकी है।
नेपाल सरकार ने सामान्य विदेशी खोज एवं बचाव दलों की जरूरत से इनकार करते हुए विशेष क्षेत्रों में तकनीकी सहायता लेने की इच्छा जताई है। इनमें फंसे लोगों को निकालना, परिवहन एवं संचार व्यवस्था बहाल करना और मृतकों की पहचान जैसे काम शामिल हैं।
त्रासदी कितनी बड़ी?
नेपाल में आई इस फ्लैश बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। ताजा रिपोर्टों में नेपाल में 579 से अधिक मौतों और करीब दो हजार लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। सड़कें, पुल, बस्तियां और बिजली परियोजनाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।
खरगे का पत्र ऐसे समय आया है जब नेपाल में राहत और पुनर्वास की चुनौती लगातार बढ़ रही है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया है कि भारत अपनी क्षमता के अनुसार नेपाल और वहां फंसे भारतीय नागरिकों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराए।


