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    दिल्ली के बाद उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू, 5 मरीजों की मौत, 49 लोगों में पुष्टि

    दिल्ली के बाद उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा A (H1N1) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। अगस्त महीने में अब तक 49 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, जबकि संक्रमित पांच मरीजों की मौत दर्ज की गई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य के सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है और संक्रमण से निपटने के लिए निगरानी तथा उपचार व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक, मामलों का सबसे बड़ा केंद्र देहरादून बना हुआ है। कुल 49 संक्रमितों में 34 मरीज देहरादून जिले के बताए गए हैं, जबकि 15 अन्य मरीज दूसरे जिलों और राज्यों से उपचार के लिए देहरादून पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 34 मरीज इलाज के बाद स्वस्थ हो चुके हैं और 10 मरीज विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।

    पांच मौतों ने बढ़ाई चिंता

    स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, जिन पांच संक्रमित मरीजों की मौत हुई, वे अन्य गंभीर बीमारियों से भी पीड़ित थे। इसके बावजूद H1N1 संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों ने स्वास्थ्य तंत्र को अतिरिक्त सतर्कता बरतने पर मजबूर कर दिया है। राज्य सरकार ने अस्पतालों को संदिग्ध मामलों की पहचान, समय पर जांच और मरीजों के इलाज में देरी न करने के निर्देश दिए हैं।

    सरकारी और निजी अस्पतालों में आइसोलेशन की व्यवस्था सक्रिय रखने, आवश्यक जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मामलों की नियमित रिपोर्टिंग पर जोर दिया गया है। देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए 10-10 बेड आरक्षित किए गए हैं।

    स्वास्थ्य विभाग की लोगों से अपील

    स्वाइन फ्लू के सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, बदन दर्द, थकान और ठंड लगना शामिल हो सकते हैं। कुछ मरीजों में उल्टी या दस्त की शिकायत भी हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और हालत बिगड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

    संक्रमण से बचाव के लिए खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने, नियमित रूप से हाथ धोने, बीमार व्यक्ति के बहुत करीब संपर्क से बचने और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लक्षण होने पर दूसरों तक संक्रमण फैलने से रोकने के लिए मास्क का उपयोग भी उपयोगी हो सकता है।

    घबराने नहीं, सतर्क रहने की जरूरत

    उत्तराखंड में बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य व्यवस्था को तैयार किया जा रहा है, लेकिन अधिकारियों का फोकस समय पर पहचान और इलाज पर है। H1N1 संक्रमण को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि संदिग्ध लक्षणों को हल्के में न लिया जाए, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के मामले में। फिलहाल उत्तराखंड में 49 मामलों और पांच मौतों के आंकड़े ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में ला दिया है। आने वाले दिनों में निगरानी, जांच और अस्पतालों की तैयारी यह तय करेगी कि संक्रमण को कितनी तेजी से नियंत्रित किया जा सकता है।

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