झारखंड में भर्ती परीक्षाओं (JPSC और JSSC) में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है। राहुल गांधी ने पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री से अपील की है कि वे आंदोलनरत छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करें और उनकी मांगों व चिंताओं का त्वरित समाधान निकालें। झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ पिछले 24 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है।
पत्र की मुख्य बातें और राहुल गांधी की अपील
- मांगों को बताया जायज: राहुल गांधी ने कहा कि झारखंड में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन बिल्कुल शांतिपूर्ण है और उनकी मांगें पूरी तरह से जायज हैं।
- लोकतंत्र का मुख्य स्तंभ: उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि भारतीय संविधान के तहत शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार हमारे लोकतंत्र का मुख्य स्तंभ है। इसी सोच के साथ कांग्रेस पार्टी पिछले कुछ महीनों से पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे छात्रों का समर्थन करती आ रही है।
- व्यक्तिगत रूप से मुलाकात का सुझाव: राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि हालांकि राज्य सरकार ने बातचीत के लिए समिति बनाई है, लेकिन सीएम का छात्रों से खुद व्यक्तिगत रूप से मिलना सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा और गतिरोध समाप्त करेगा।
- आरएसएस और बीजेपी पर हमला: पत्र में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा प्रणाली और भर्ती प्रक्रियाओं को आरएसएस-बीजेपी की विचारधारा के प्रभाव से नुकसान पहुंचा है, जिससे युवाओं के साथ अन्याय हो रहा है।
क्या है पूरा मामला?
झारखंड में JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अनशन और धरना दे रहे हैं। छात्र मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने और विवादित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।
छात्रों के 20 अगस्त को सीएम आवास घेराव के ऐलान के बीच सरकार और छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ताएं जारी हैं।


