देश के विभिन्न हिस्सों में मानसून की भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। उत्तर में जम्मू-कश्मीर से लेकर दक्षिण में तमिलनाडु तक मौसम के बिगड़े तेवरों ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है।
राज्यों में बाढ़ और बारिश का हाल
- पूर्वोत्तर भारत (असम और सिक्किम): असम में बाढ़ की स्थिति अत्यंत विकराल बनी हुई है, जहाँ लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं सिक्किम में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के चलते कई प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है।
- जम्मू-कश्मीर: घाटी और पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के चलते नदियां उफान पर हैं। डोडा जिले में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो चुके हैं, जिससे तटीय और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
- ओडिशा: राज्य के मयूरभंज समेत कई जिलों में लगातार हो रही बारिश से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा गहरा गया है।
- तमिलनाडु और दक्षिण भारत: IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, तमिलनाडु के तटीय और अंदरूनी हिस्सों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई है।
- दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश: दिल्ली-एनसीआर में 22 अगस्त तक आसमान में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी का अनुमान जताया गया है। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
IMD का आगामी अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से उठने वाली नमी के कारण आगामी कुछ दिनों तक मध्य, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियां तीव्र रहेंगी। प्रशासन ने प्रभावित राज्यों में एनडीआरएफ (NDRF) और स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों को हाई अलर्ट पर रखा है तथा लोगों को नदी तटों व भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।


