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    संसद में गतिरोध तोड़ना चाह रही सरकार, परिसीमन बिल पर क्या है नंबर गेम का गणित?

    संविधान संशोधन के तहत लाए जा रहे परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) को लेकर संसद में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार ने जरूरी बहुमत का गणित साधने के प्रयास तेज कर दिए हैं, वहीं विपक्ष इस मुद्दे पर लामबंद होकर संसद में गतिरोध पैदा कर रहा है।

    विशेष बहुमत का गणित (Number Game)

    परिसीमन संशोधन विधेयक एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन है, जिसे पास कराने के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत (Special Majority) की आवश्यकता होती है।

    • लोकसभा का समीकरण: विधेयक को पारित कराने के लिए कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई (2/3) समर्थन की आवश्यकता होती है।
    • लक्ष्य साधने की रणनीति: सरकार अपने सहयोगी दलों के साथ-साथ निर्दलीय और तटस्थ रुख अपनाने वाले अन्य दलों को पक्ष में लाने के लिए फ्लोर मैनेजमेंट को मजबूत कर रही है।

    संसद में गतिरोध के मुख्य कारण

    विपक्षी दल और विशेष रूप से दक्षिण भारतीय राज्यों के क्षेत्रीय दल इस विधेयक का कड़ा विरोध कर रहे हैं:

    • दक्षिण भारतीय राज्यों की चिंता: तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल जैसे राज्यों का तर्क है कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन करने के बावजूद परिसीमन लागू होने से लोकसभा में उनकी सीटों का आनुपातिक हिस्सा घट सकता है।
    • संघीय ढांचे पर असर: विपक्षी नेताओं का आरोप है कि केवल जनसंख्या को आधार बनाने से उत्तरी राज्यों की सीटें बढ़ेंगी, जिससे देश के संघीय संतुलन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।

    सरकार का रुख और समाधान की कोशिश

    संसदीय कार्य मंत्री और सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेता गतिरोध समाप्त करने के लिए लगातार विपक्षी दलों के साथ चर्चा कर रहे हैं।

    • भ्रम दूर करने का आश्वासन: सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नए परिसीमन से किसी भी राज्य के प्रतिनिधित्व को नुकसान नहीं पहुंचेगा और सभी राज्यों को न्यायसंगत भागीदारी दी जाएगी।
    • व्हिप और उपस्थिति: सत्ता पक्ष अपने सभी सांसदों को सदन में उपस्थित रहने का निर्देश देकर रणनीतिक रूप से मतदान की तैयारी में जुटा है।
    • संविधान संशोधन की इस जटिल प्रक्रिया और राजनीतिक रस्साकशी के बीच संसद का यह सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है।
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