देश के विभिन्न हिस्सों में मानसूनी बारिश ने एक बार फिर विकराल रूप ले लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर समेत देश के 15 राज्यों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की गंभीर चेतावनी दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में रफ्तार पर लगा ब्रेक राजधानी दिल्ली और उससे सटे गुरुग्राम, नोएडा और गाजियाबाद में मूसलाधार बारिश के चलते प्रमुख सड़कों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। दिल्ली में 56 मिमी और गुरुग्राम में 117 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई और लोगों को उमस से राहत तो मिली, लेकिन जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।
धौलाकुआं, कालिंदी कुंज, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48) पर घुटनों तक पानी भरने के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों जाम से जूझना पड़ा। हालात की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस और प्रशासन ने निजी कंपनियों एवं कॉर्पोरेट सेक्टर से अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) देने की अपील की है।
पहाड़ों पर भूस्खलन से बंद हुईं 250 से अधिक सड़कें पहाड़ी राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश आफत बनकर टूटी है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के कारण सैकड़ों रास्ते बंद हो गए हैं। उत्तराखंड में 132 और हिमाचल प्रदेश में 120 से अधिक सड़कें पूरी तरह ठप हैं, जिससे संपर्क टूट गया है और पर्यटक व स्थानीय लोग जगह-जगह फंसे हुए हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर के शोपियां में भारी बारिश के कारण सेब के बागानों को काफी नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में 9 से 12 अगस्त के बीच फिर से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
पूर्वोत्तर में बाढ़ का प्रकोप और अन्य राज्यों का हाल पूर्वोत्तर के राज्य असम में बाढ़ से हालात लगातार बिगड़े हुए हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, असम में बाढ़ की वजह से अब तक 95 लोगों की जान जा चुकी है और 1.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। उधर, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, गोरखपुर, आगरा और बिहार के पटना, गया व दरभंगा में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने किसानों और मछुआरों को जलभराव वाले क्षेत्रों और जलाशयों के पास न जाने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। आने वाले 24 घंटों के दौरान उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर उत्तर-पूर्वी राज्यों में बारिश की तीव्रता बनी रहने के आसार हैं।


