लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क मरम्मत कार्य को जल्द सुखाने के लिए बड़े-बड़े औद्योगिक पंखों (Fans) का इस्तेमाल किए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो को शेयर करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्य सरकार और निर्माण गुणवत्ता पर जोरदार हमला बोला है।
अखिलेश यादव का तंज और सवाल
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा:
“ये है भाजपाई तरक्की की नई हवा… कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो, उस सड़क को मरम्मत की जरूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है, यह भी हास्यास्पद है।”
उन्होंने आगे सवाल उठाते हुए पूछा कि मात्र 2-3 हफ्तों में जिस एक्सप्रेसवे की हालत खस्ता होने लगी है, उस पर सफर करने का जोखिम कौन उठाएगा?
एक्सप्रेसवे की मौजूदा स्थिति और समस्याएं
- उद्घाटन और लागत: लगभग 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई 2026 को हुआ था, जिसे करीब ₹4,200 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है।
- बार-बार धंसने की शिकायतें: उद्घाटन के महज 20 दिनों के भीतर सड़क 5 से अधिक स्थानों पर धंस गई और सतह खिसकने लगी।
- वन-वे ट्रैफिक डायवर्जन: मरम्मत कार्य के चलते प्रभावित हिस्से में एक तरफ की लेन बंद कर दी गई है। दोनों तरफ के वाहनों को एक ही कैरिजवे से निकाला जा रहा है, जिससे यात्रियों को कई किलोमीटर तक यू-टर्न लेकर विपरीत दिशा में चलना पड़ रहा है।
NHAI का कड़ा एक्शन और राहत
मामला तूल पकड़ने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त कदम उठाए हैं:
- टोल वसूली पर रोक: मरम्मत का काम पूरी तरह संपन्न होने तक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली तुरंत प्रभाव से रोक दी गई है।
- आईआईटी खड़गपुर से जांच: सड़क धंसने और खराब गुणवत्ता के कारणों का पता लगाने के लिए IIT खड़गपुर की विशेषज्ञ टीम से स्वतंत्र जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
- अधिकारियों व ठेकेदार पर गाज: NHAI ने जिम्मेदार अधिकारियों को पद से हटा दिया है और निर्माण कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। टोल राजस्व में होने वाले नुकसान की भरपाई भी निर्माण कंपनी से की जाएगी।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| प्रोजेक्ट | लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (63 किमी) |
| लागत | लगभग ₹4,200 करोड़ |
| उद्घाटन तिथि | 13 जुलाई 2026 |
| विवाद का कारण | मरम्मत सुखाने के लिए पंखों का प्रयोग और बार-बार सड़क धंसना |
| NHAI का फैसला | फ्री टोल, आईआईटी खड़गपुर से जांच और लापरवाह अधिकारियों पर एक्शन |


