दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की सह-मेजबानी में आयोजित होने वाले आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 को लेकर भारतीय क्रिकेट जगत में अभी से रणनीतिक चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। पूर्व दिग्गज भारतीय कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने आगामी 2027 विश्व कप के लिए अपनी संभावित भारतीय टीम और चयन रणनीति पर अपनी राय साझा की है। गावस्कर के इस संभावित आकलन में सबसे चौंकाने वाली बात मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार (जिन्होंने सीमित ओवरों और वनडे प्रारूप में भारत के लिए सामूहिक रूप से 340+ विकेट लिए हैं) जैसे अनुभवी तेज गेंदबाजों को टीम से बाहर रखना रहा है।
शमी और भुवनेश्वर को क्यों नहीं मिली जगह?
सुनील गावस्कर का मानना है कि 2027 तक खिलाड़ियों की उम्र, फिटनेस और फॉर्म सबसे बड़ा पैमाना होगी:
- उम्र और फिटनेस का फैक्टर: मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार दोनों ही अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं। गावस्कर के अनुसार, 2027 तक 50 ओवर के प्रारूप के भारी वर्कलोड को देखते हुए युवा और तेज गति वाले गेंदबाजों को प्राथमिकता देना व्यावहारिक होगा।
- भविष्य की तैयारी: भारतीय चयनकर्ताओं का ध्यान अब जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा और मयंक यादव जैसे गेंदबाजों के वर्कलोड मैनेजमेंट और भविष्य के पेस अटैक को तैयार करने पर है।
रोहित और कोहली पर गावस्कर की राय
गावस्कर ने दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली के 2027 विश्व कप में खेलने को लेकर भी अपनी निष्पक्ष प्रतिक्रिया दी:
- उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि दोनों दिग्गज खिलाड़ी निरंतर शतकीय पारियां और असाधारण फॉर्म बनाए रखते हैं, तभी उनका चयन संभव है।
- हालांकि, बढ़ती उम्र और टीम के ट्रांजिशन (बदलाव के दौर) को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं को कठोर और दूरदर्शी फैसले लेने होंगे।
गावस्कर की संभावित 2027 वर्ल्ड कप स्क्वॉड (मुख्य खिलाड़ी)
| विभाग | संभावित खिलाड़ी |
|---|---|
| शीर्ष क्रम / बल्लेबाज | शुभमन गिल, यशस्वी जायसवाल, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, के.एल. राहुल/ऋषभ पंत। |
| ऑलराउंडर | हार्दिक पांड्या, रवींद्र जडेजा / अक्षर पटेल। |
| पेस अटैक (गेंदबाज) | जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा / मयंक यादव। |
| स्पिनर | कुलदीप यादव, रवि बिश्नोई। |
भविष्य का दृष्टिकोण
सुनील गावस्कर का यह मानना है कि मुख्य चयनकर्ता और प्रबंधन को भारतीय क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य के लिए कड़े फैसले लेने में संकोच नहीं करना चाहिए। युवा प्रतिभाओं को पर्याप्त अवसर देकर 2027 के महाकुंभ के लिए एक संतुलित और ऊर्जावान टीम तैयार करना ही भारत के लिए खिताबी जीत का रास्ता साफ करेगा।


