जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के 29 वर्षीय तेज गेंदबाज आकिब नबी को श्रीलंका के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए पहली बार भारतीय सीनियर टीम में चुना गया है। चोटिल स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के स्थान पर टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल किए गए आकिब नबी के लिए टेस्ट कैप तक का यह सफर उनके संघर्ष, एक जिगरी दोस्त के मार्गदर्शन और पिता के बड़े फैसले की बदौलत संभव हो पाया है।
जिगरी दोस्त की सलाह से शुरू हुआ टेस्ट सपना
आकिब नबी के क्रिकेट करियर में उनके एक करीबी दोस्त का समय पर दिया गया मार्गदर्शन सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
- क्रिकेट से दूरी और वापसी: अपने शुरुआती दौर में बारामूला के कठिन हालातों (कर्फ्यू और सुविधाओं की कमी) और उचित मंच न मिलने के कारण आकिब का मन क्रिकेट से हटने लगा था।
- दोस्त का साथ: उनके जिगरी दोस्त ने आकिब की बेहतरीन इन-स्विंग और रफ्तार की प्रतिभा को पहचाना तथा उन्हें मैदान न छोड़ने और पेशेवर क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित रखने के लिए प्रेरित किया। दोस्त की जिद पर ही आकिब ने श्रीनगर में ट्रायल्स दिए और आगे चलकर जम्मू-कश्मीर की स्टेट टीम में अपनी जगह बनाई।
पिता के एक फैसले ने बदल दी जिंदगी
आकिब नबी एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं। उनके पिता ने उनकी जिंदगी बदलने वाला महत्वपूर्ण फैसला लिया:
- परिवार का समर्थन: जब आकिब के सामने क्रिकेट और पारंपरिक नौकरियों/पारिवारिक व्यवसायों में से किसी एक को चुनने की चुनौती थी, तब उनके पिता ने उन पर किसी अन्य नौकरी का दबाव बनाने के बजाय अपने वित्तीय साधनों की सीमा के बावजूद क्रिकेट को चुनने की पूरी आजादी दी और वित्तीय सहायता प्रदान की।
- सपनों पर भरोसा: पिता ने आकिब को क्रिकेट किट और अभ्यास के लिए हर संभव साधन मुहैया कराए। कर्फ्यू के दौरान भी जब बाहर जाना मुमकिन नहीं होता था, तब परिवार के सहयोग से वे घर के आंगन में ही कुर्सियों को स्टंप/बल्लेबाज़ मानकर घंटों गेंदबाजी का अभ्यास करते थे।
रणजी ट्रॉफी में ऐतिहासिक प्रदर्शन
पिता और दोस्त के भरोसे को आकिब ने घरेलू क्रिकेट में अपने असाधारण प्रदर्शन से साबित किया:
- 2025-26 रणजी ट्रॉफी: आकिब नबी ने इस सीजन के 10 मैचों की 17 पारियों में सर्वाधिक 60 विकेट चटकाए।
- ऐतिहासिक खिताब: उनके इसी ऑलराउंड और घातक गेंदबाजी प्रदर्शन के दम पर जम्मू-कश्मीर ने इतिहास में पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। वे सेमीफाइनल और फाइनल दोनों मुकाबलों में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे।
- प्रथम श्रेणी रिकॉर्ड: पिछले दो रणजी सीजन मिलाकर वे 104 विकेट चटका चुके हैं।
श्रीलंका के खिलाफ नया सफर
हाल ही में इंडिया ‘ए’ के साथ श्रीलंका दौरे पर दो मैचों में 6 विकेट लेने वाले आकिब नबी अब गॉल में होने वाले पहले टेस्ट से शुभमन गिल की कप्तानी वाली सीनियर टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम का हिस्सा बनेंगे। परवेज रसूल और उमरान मलिक के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले वे जम्मू-कश्मीर के तीसरे खिलाड़ी बनने जा रहे हैं।


