महिला पहलवानों द्वारा भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा उन्हें बरी किए जाने के बाद देश में नया सियासी और खेल विवाद खड़ा हो गया है। अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टार रेसलर और ओलंपियन विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक बेहद भावुक और तीखा संदेश पोस्ट किया है।
विनेश फोगाट ने अपनी पोस्ट में अदालत के फैसले पर गहरा दुख और निराशा व्यक्त की है। उन्होंने लिखा, सत्ताधारी दल के एक बेहद शक्तिशाली और प्रभावशाली नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और सड़कों पर उतरने के लिए पीड़िता पहलवानों को बहुत बड़ी हिम्मत जुटानी पड़ी थी। बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी राजनीतिक ताकत और बाहुबल के दम पर कई पीड़ित बेटियों को डरा-धमकाकर केस से अपने नाम वापस लेने पर मजबूर किया। विनेश ने आरोप लगाया कि “शुरुआत से ही पूरी राज्य मशीनरी, सरकार और प्रशासनिक ढांचा बृजभूषण को बचाने और उनके बचाव में ढाल बनने का काम कर रहा था”।
‘उम्मीद नहीं खोई, हाई कोर्ट में अपील करेंगे’
फैसले से निराश होने के बावजूद विनेश फोगाट ने स्पष्ट किया कि महिला पहलवानों ने हार नहीं मानी है और उनकी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। पीड़ित महिला पहलवानों ने अपने वकीलों को इस फैसले के खिलाफ जल्द से जल्द ऊपरी अदालत (हाई कोर्ट) में अपील दाखिल करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।उन्होंने कहा कि पहलवानों की हिम्मत टूटी नहीं है और वे इंसाफ मिलने तक अपनी यह कानूनी जंग जारी रखेंगे।
क्या था कोर्ट का फैसला?
3 अगस्त 2026 को राउज एवेन्यू कोर्ट के एडिशिनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) ने सबूतों के अभाव, बयानों में अंतर और देरी का हवाला देते हुए बृजभूषण शरण सिंह तथा सह-आरोपी विनोद तोमर को यौन उत्पीड़न, धमकी और छेड़छाड़ के सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद से ही पीड़ित पहलवानों और खेल जगत के एक बड़े वर्ग में भारी निराशा है।


