संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को विपक्षी हंगामे और चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया है। यह नया संशोधन विधेयक 2024 के मूल कानून को और अधिक सख्त बनाने के लिए लाया गया है।
विधेयक के मुख्य प्रावधान
- कड़ा दंड: संगठित पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर दोषियों को 7 से 10 वर्ष तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
- फास्ट ट्रैक कोर्ट: मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन होगा।
- समय-सीमा तय: जांच प्रक्रिया को 2 महीने और मुकदमे की सुनवाई को 3 महीने के भीतर पूरा करना अनिवार्य किया गया है।
- सेवा प्रदाताओं पर कार्रवाई: परीक्षा आयोजित कराने वाली दोषी एजेंसियों पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना और 8 वर्षों का प्रतिबंध लगेगा।
विधेयक पारित करते हुए सरकार ने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाना और देश के लाखों युवाओं के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


