पश्चिम एशिया (खाड़ी क्षेत्र) में एक बड़े और व्यापक युद्ध का खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब खाड़ी के अन्य प्रमुख देशों—संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब—पर भी साफ दिखने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर टोल लगाने के विवाद के बीच, अब सीधे तौर पर सैन्य हमले शुरू हो गए हैं, जिसने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को दांव पर लगा दिया है।
यूएई के तेल टैंकरों पर ईरान का क्रूज मिसाइल हमला
मंगलवार (14 जुलाई 2026) को तनाव उस वक्त चरम पर पहुंच गया जब ओमान के जलक्षेत्र में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे यूएई के दो राष्ट्रीय तेल टैंकरों—’मोम्बासा’ (Mombasa) और ‘अल बहिया’ (Al Bahiyah)—पर ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया।
- भारतीय नागरिक की मौत: इस हमले में मोम्बासा टैंकर पर सवार एक भारतीय क्रू मेंबर की जान चली गई।
- कई लोग घायल: आठ अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें से छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक हैं। इनमें से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
- जहाजों को नुकसान: मिसाइल हमले के बाद दोनों टैंकरों में आग लग गई, हालांकि बाद में आग पर काबू पा लिया गया।
यूएई की ईरान को कड़ी चेतावनी: यूएई के रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे “खुला और शत्रुतापूर्ण हमला” करार दिया है। यूएई ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि वह अपनी संप्रभुता और नागरिकों की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार रखता है। यूएई ने इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का सीधा उल्लंघन और ‘समुद्री डकैती’ का कृत्य बताया है।
सऊदी अरब पर हूतियों का मिसाइल हमला
इधर, ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने भी सऊदी अरब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हूतियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब के अभा (Abha) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के दक्षिणी क्षेत्र को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।
यह हमला उस घटना के जवाब में किया गया है जिसमें सऊदी समर्थित यमन सरकार ने हूती-नियंत्रित सना (Sanaa) अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बमबारी की थी, ताकि ईरान के एक विमान को वहां उतरने से रोका जा सके।
उड़ानें रद्द और विमानन सुरक्षा पर अलर्ट: अभा एयरपोर्ट पर हुए इस हमले के बाद खाड़ी देशों की विमानन सुरक्षा पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दुबई और शारजाह से अभा जाने वाली फ्लाईदुबई और एयर अरेबिया सहित कई उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। सऊदी अरब ने इस हमले के बाद उड्डयन अलर्ट (Aviation Alert) जारी कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में यात्रियों और एयरलाइंस के बीच डर का माहौल है।
पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध फैलने की आशंका
अमेरिका द्वारा ईरान पर हाल ही में किए गए हवाई हमलों और राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी के एलान के बाद, ईरान की ओर से यह जवाबी कार्रवाई है। बहरीन में भी मिसाइल सायरन बजने की खबरें आई हैं, क्योंकि ईरान ने वहां स्थित अमेरिकी नौसेना के ठिकानों को भी निशाना बनाने का दावा किया है।
विशेषज्ञों और संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि ईरान, यूएई, सऊदी अरब और यमन (हूती) के बीच यह बढ़ता सैन्य टकराव एक पूर्ण विकसित क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जो न केवल पश्चिम एशिया बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए विनाशकारी साबित होगा।


