जम्मू-कश्मीर में फिर बादल फटे, उत्तराखंड में बदरीनाथ हाईवे बंद
दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक के साथ ही उत्तर और उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों को भीषण और चिलचिलाती गर्मी से बड़ी राहत मिली है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बारिश ने तापमान में भारी गिरावट दर्ज कराई है। हालांकि, मैदानी इलाकों के लिए राहत बनकर आया यह मानसून पहाड़ी राज्यों के लिए आफत साबित हो रहा है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन (landslides) और बादल फटने जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
जम्मू-कश्मीर में फिर फटा बादल, बाढ़ जैसे हालात
जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में मौसम विभाग की चेतावनी के बीच एक बार फिर बादल फटने (cloudburst) की घटना सामने आई है। बादल फटने के कारण पहाड़ी नालों और नदियों का जलस्तर अचानक बहुत बढ़ गया, जिससे निचले रिहायशी इलाकों में अचानक बाढ़ (flash floods) की स्थिति पैदा हो गई। मलबे और तेज पानी के बहाव की वजह से कई घरों, सड़कों और संपर्क मार्गों को भारी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन और राहत दल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं और सुरक्षित स्थानों पर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
उत्तराखंड: बदरीनाथ हाईवे बंद, हजारों श्रद्धालु फंसे
उत्तराखंड में भी लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। चमोली जिले में कई जगहों पर चट्टानें खिसकने और भारी मलबा आने की वजह से प्रसिद्ध बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (Badrinath National Highway) कई घंटों तक पूरी तरह बंद रहा। हाईवे बंद होने के कारण चारधाम यात्रा पर आए हजारों श्रद्धालु रास्ते में ही फंस गए। प्रशासन की टीमें और सीमा सड़क संगठन (BRO) लगातार भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर रास्ता साफ करने के काम में जुटे हुए हैं, लेकिन लगातार गिरते पत्थरों के कारण काम में बाधा आ रही है।
हिमाचल प्रदेश में 46 सड़कें ठप, मैदानी राज्यों में ठंडक
हिमाचल प्रदेश में भी मानसून की बेरुखी साफ देखी जा सकती है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कम से कम 46 मुख्य और संपर्क सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गई हैं, जिससे पहाड़ी गांवों का संपर्क टूट गया है।
इसके विपरीत, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के मैदानी इलाकों में मानसून की बारिश ने उमस और लू (heatwave) के थपेड़ों से जूझ रहे लोगों को काफी सुकून दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना जताई है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों के लिए ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट जारी करते हुए लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों से दूर रहने की सलाह दी है।


