मानसून की शुरुआत होते ही उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम ने बेहद खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, भूस्खलन (landslides) और बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
इस प्राकृतिक आपदा से जुड़े मुख्य घटनाक्रम और राज्यवार स्थिति नीचे दी गई है:
1. जम्मू-कश्मीर: दो जगहों पर बादल फटे, धार्मिक यात्राएं रुकीं
केंद्र शासित प्रदेश में मानसून की भारी बारिश के बीच दो अलग-अलग स्थानों पर बादल फटने (cloudbursts) की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं:
- डोडा में भारी नुकसान: डोडा जिले के भलेसा (Bhalesa) क्षेत्र में बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ (flash floods) ने फसलों, फलों के बगीचों और स्थानीय संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मलबे और पत्थरों के कारण कई अंदरूनी रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है।
- यात्राएं स्थगित: लगातार खराब मौसम और पहाड़ों से पत्थर गिरने (shooting stones) के खतरे को देखते हुए किश्तवाड़ जिले में होने वाली प्रसिद्ध मचैल माता और मिंधल माता की वार्षिक तीर्थयात्राओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
- हेलिकॉप्टर सेवाएं प्रभावित: भारी बारिश और कम दृश्यता (low visibility) के कारण श्री माता वैष्णो देवी धाम के लिए संचालित होने वाली हेलिकॉप्टर सेवाओं पर भी बुरा असर पड़ा है।
2. हिमाचल प्रदेश: भारी तबाही और ‘ऑरेंज अलर्ट’
हिमाचल प्रदेश में मानसून ने बेहद विनाशकारी दस्तक दी है। राज्य में सामान्य से कहीं ज्यादा बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे बुनियादी ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचा है:
- बादल फटने की घटनाएं: लाहौल-स्पीति और चंबा जिलों में कुल तीन जगहों पर बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। लाहौल-स्पीति की पट्टन घाटी और जिस्पा में हुए हादसों से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है और मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) बंद हो गया है।
- जान-माल का नुकसान: मंडी जिले के औट (Aut) में पहाड़ी से भारी पत्थर गिरने के कारण एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। चंबा जिले में भी पहाड़ों से आया मलबा घरों में घुस गया है।
- रास्ते और बिजली ठप: राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, राज्य की लगभग 35 मुख्य सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हैं। इसके साथ ही करीब 127 बिजली के ट्रांसफार्मर ठप होने से कई इलाके अंधेरे में डूब गए हैं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए राज्य में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
3. उत्तराखंड: जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, जिसने चिलचिलाती गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में मुश्किलें बढ़ा दी हैं:
- अलर्ट जारी: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देहरादून और बागेश्वर समेत कई जिलों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
- भूस्खलन का साया: लगातार हो रही बारिश की वजह से संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है, जिससे संपर्क मार्ग प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।


