देश में इस समय मौसम के दो चरम रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्य भारी बारिश और आपदा से जूझ रहे हैं, वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाके भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसून के आगे बढ़ने से मैदानी इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पहाड़ों पर आफत की बारिश: पुल बहे, रास्ते बंद
पूर्वोत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी से बहुत भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है:
- सिक्किम: उत्तरी सिक्किम के जोंगू क्षेत्र में भारी बारिश के कारण फी खोला पर बना पुल बह गया है, जिससे फिदांग-सांकलांग मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है।
- असम और अरुणाचल: असम के धेमाजी जिले में केमी और ओयान को जोड़ने वाला 300 मीटर लंबा पुल ढह गया है। वहीं, अरुणाचल प्रदेश में बादल फटने और भूस्खलन के कारण सात जिलों का सड़क संपर्क टूट चुका है।
- दर्ज की गई बारिश: पिछले 24 घंटों में मेघालय में रिकॉर्ड 39 सेमी, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में 26 सेमी और अरुणाचल प्रदेश में 15 सेमी बारिश दर्ज की गई है।
मैदानी इलाकों में लू का प्रकोप और फलोदी सबसे गर्म
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाके फिलहाल भीषण गर्मी से तप रहे हैं। शनिवार को राजस्थान का फलोदी 43.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण लू (Severe Heatwave) की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और बिहार में भी 30 जून तक लू का असर बने रहने की आशंका है। दिल्ली में पर्याप्त नमी न होने के कारण शुष्क और नम हवाओं के मिलने से केवल बादल बन रहे हैं, जिससे ‘फील्स लाइक’ (महसूस होने वाला) तापमान काफी ऊंचा बना हुआ है।
उत्तर भारत में कब पहुंचेगा मानसून?
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले दो से तीन दिनों में इसके उत्तर भारत के कई हिस्सों को कवर करने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।
| क्षेत्र/राज्य | संभावित समय (आगमन) | मौसम की स्थिति |
| यू.पी. और उत्तराखंड | अगले 2-3 दिनों में (जुलाई के पहले सप्ताह तक) | मानसून के आगे बढ़ने और भारी बारिश के आसार |
| पंजाब और हरियाणा | 1 से 3 जुलाई के बीच | प्री-मानसून की शुरुआत के साथ बारिश का दायरा बढ़ेगा |
| दिल्ली-NCR | जून के आखिरी या जुलाई के शुरुआती दिनों में | शुष्क मौसम का अंत, गरज-चमक के साथ बौछारें |
| हिमाचल और जम्मू-कश्मीर | 30 जून से 4 जुलाई के बीच | नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होगा, तेज हवाएं और व्यापक वर्षा |
मौसम विभाग का अलर्ट: 30 जून से उत्तर-पश्चिम भारत का मौसम पूरी तरह बदलने लगेगा। हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में मानसूनी और प्री-मानसूनी बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तापमान में भारी गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी।


