दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम एक के बाद एक आए दो विनाशकारी भूकंपों ने भीषण तबाही मचाई है। भूकंप में कम से कम 10 हजार लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है। इसे वेनेजुएला के इतिहास में पिछले 120 से अधिक वर्षों (एक सदी) की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदा माना जा रहा है। इस भीषण त्रासदी पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरी संवेदना व्यक्त की है और संकट की इस घड़ी में वेनेजुएला को हरसंभव मानवीय मदद देने का भरोसा दिया है।
120 साल की सबसे बड़ी आपदा: तबाही का मंजर
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, वेनेजुएला के कैरेबाई तट पर स्थित मोरोन शहर के पास महज 39 से 40 सेकंड के अंतराल पर दो अत्यंत शक्तिशाली भूकंप आए:
- पहला झटका: इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.1 से 7.2 मापी गई।
- दूसरा झटका: पहले झटके के तुरंत बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक विनाशकारी भूकंप आया। Wikipedia
इस जुड़वां भूकंप (Twin Quakes) के कारण राजधानी काराकास समेत कई राज्यों में बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। मलबे से उठते धूल के गुबारों और चीख-पुकार के बीच लोग अपने घरों से भागकर सड़कों और पार्कों में आ गए। कई शहरों में बिजली, फोन नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। ला गुआरा प्रांत को आपदा क्षेत्र घोषित किया गया है, जहां का मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। गैस पाइपलाइनों में विस्फोट रोकने के लिए सरकार ने पूरे क्षेत्र की गैस सप्लाई बंद कर दी है।
पीएम मोदी ने जताई संवेदना, भारत करेगा मदद
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर वेनेजुएला में हुई इस भीषण तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “वेनेजुएला में आए भीषण भूकंप से हुई तबाही से अत्यंत दुखी हूं। भारत के लोगों की ओर से, मैं वेनेजुएला की सरकार और वहां की जनता, विशेषकर अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं। हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।”
पीएम मोदी ने भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्पष्ट किया कि इस कठिन समय में भारत वेनेजुएला के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है और राहत व बचाव कार्यों के लिए हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
दुनिया भर से बढ़े मदद के हाथ
इस बीच वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने देश में आपातकाल (State of Emergency) की घोषणा कर दी है। मलबे के नीचे दबे हजारों लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है। वैश्विक स्तर पर संकट की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका (यूएस) समेत कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और पड़ोसी देशों ने वेनेजुएला की ओर मदद के हाथ बढ़ाए हैं। विदेशी रेस्क्यू टीमें और मानवीय सहायता सामग्री कुछ ही घंटों में वेनेजुएला पहुंचने की उम्मीद है।


