NEET Re-Exam: नागपुर के छात्र का सेंटर अबू धाबी, न पासपोर्ट, न पैसे; राहुल गांधी ने एनटीए को घेरा
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की लापरवाही का एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने 21 जून को होने वाली नीट पुनरीक्षा (NEET Re-Exam) की निष्पक्षता और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नागपुर के एक गरीब परिवार के छात्र का परीक्षा केंद्र भारत से हजारों किलोमीटर दूर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी में अल बतीन इलाके में अल मशाल स्कूल दे दिया गया। इस गंभीर चूक पर अब सियासत भी गरमा गई है और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार व एनटीए को आड़े हाथों लिया है।
न पासपोर्ट, न टिकट के पैसे; छात्र का रो-रोकर बुरा हाल
नागपुर का रहने वाला पीड़ित छात्र एक बेहद साधारण परिवार से आता है। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जब उसने अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसमें परीक्षा केंद्र ‘अबू धाबी’ देखकर उसके और उसके परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
- कोई अंतरराष्ट्रीय दस्तावेज नहीं: छात्र के पास न तो विदेश जाने के लिए पासपोर्ट है और न ही वीजा।
- आर्थिक तंगी: छात्र के माता-पिता के पास महज 24 घंटे के भीतर अबू धाबी की हवाई टिकट कराने और वहां रुकने के लिए पैसे तक नहीं हैं।
- मानसिक तनाव: छात्र ने महीनों तक इस परीक्षा के लिए दिन-रात मेहनत की थी, लेकिन एनटीए की एक तकनीकी या प्रशासनिक गलती के कारण उसका भविष्य दांव पर लग गया है।
राहुल गांधी का हमला: “ये छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है”
इस मामले के सामने आते ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एडमिट कार्ड की तस्वीर साझा करते हुए एनटीए और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने सवाल उठाते हुए कहा, “आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? एक होनहार छात्र जो नागपुर का रहने वाला है, उसे परीक्षा देने के लिए अबू धाबी भेज दिया गया। क्या एनटीए को यह भी नहीं पता कि एक आम भारतीय छात्र के पास न तो अचानक विदेश जाने का पासपोर्ट होता है और न ही इतने पैसे? यह लापरवाही नहीं, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ क्रूर खिलवाड़ है।”
राहुल गांधी ने मांग की है कि इस छात्र के लिए तुरंत नागपुर या महाराष्ट्र के किसी नजदीकी केंद्र पर परीक्षा की व्यवस्था की जाए और इस बड़ी चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
एनटीए के दावों पर फिर उठे सवाल
यह घटना ऐसे समय में आई है जब एनटीए पहले से ही नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और ग्रेस मार्क्स विवादों के चलते चौतरफा आलोचनाओं का सामना कर रहा है। एजेंसी ने दावा किया था कि री-एग्जाम पूरी तरह त्रुटिहीन और पारदर्शी तरीके से कराया जाएगा, लेकिन इस नई घटना ने उन दावों की हवा निकाल दी है। छात्र के परिजनों ने अब अदालत और शिक्षा मंत्रालय से गुहार लगाई है ताकि छात्र की सालभर की मेहनत बेकार न जाए।


