फीफा विश्व कप 2026 का रोमांच अब धीरे-धीरे फुटबॉल प्रेमियों के सिर चढ़कर बोल रहा है। टूर्नामेंट के तीसरे दिन मैदान पर बेहद रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जहां कुछ टीमों ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की, तो कुछ दिग्गजों को ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। दिन के आकर्षण में ऑस्ट्रेलिया की शानदार जीत, स्कॉटलैंड की 32 साल बाद यादगार वापसी और दो बड़े मुकाबलों का ड्रॉ होना शामिल रहा।
ऑस्ट्रेलिया की तुर्किये पर शानदार जीत
ग्रुप डी के एक बेहद कड़े मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने तुर्किये को 2-0 से शिकस्त देकर टूर्नामेंट में विजयी शुरुआत की। मैच के 26वें मिनट में ऑस्ट्रेलिया के नेस्टोरी इरानकुंडा ने शानदार मैदानी गोल दागकर टीम को 1-0 की शुरुआती बढ़त दिलाई। पहले हाफ में पिछड़ने के बाद तुर्किये ने वापसी के कई प्रयास किए, लेकिन 74वें मिनट में कोनर मेटकाफ ने गोल कर ऑस्ट्रेलिया की जीत 2-0 से पक्की कर दी।
स्कॉटलैंड की 32 साल बाद यादगार वापसी
ग्रुप सी के मुकाबले में स्कॉटलैंड ने हैती को 1-0 से हराकर इस महाकुंभ में धमाकेदार शुरुआत की। स्कॉटलैंड की टीम 1998 के बाद यानी 32 साल बाद पहली बार विश्व कप के मुख्य दौर में खेल रही है। मैच का एकमात्र और निर्णायक गोल जॉन मैकगिन ने 28वें मिनट में दागा, जिसकी बदौलत टीम पूरे तीन अंक बटोरने में सफल रही और अपने ग्रुप में शीर्ष पर पहुंच गई।
दिन के दो बड़े मुकाबले रहे ड्रॉ
तीसरे दिन दो ऐसी अनपेक्षित कड़ियां भी देखने को मिलीं जहां मजबूत टीमों को कम रैंकिंग वाली टीमों ने बराबरी पर रोक दिया।
- कतर बनाम स्विट्जरलैंड (1-1): इस मैच में स्विट्जरलैंड ने 17वें मिनट में ब्रील एम्बोलो के पेनल्टी गोल से बढ़त बनाई थी. लेकिन कतर ने आखिरी लम्हों (इंजुरी टाइम) में ऐतिहासिक वापसी करते हुए मैच को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया. इस तरह कतर विदेशी धरती पर अपना पहला विश्व कप अंक अर्जित करने में सफल रहा.
- ब्राजील बनाम मोरक्को (1-1): स्टार खिलाड़ी नेमार के बिना मैदान पर उतरी पांच बार की चैंपियन ब्राजील की शुरुआत निराशाजनक रही. मोरक्को ने बेहतरीन रक्षात्मक खेल दिखाते हुए ब्राजील को 1-1 पर रोक दिया. हालांकि, विनिसियस जूनियर ने बेहतरीन खेल दिखाकर ब्राजील को उलटफेर का शिकार होने से बचा लिया.
वीएआर (VAR) तकनीक पर छिड़ा नया विवाद
कतर और स्विट्जरलैंड के मैच के दौरान रेफरी द्वारा दी गई पेनल्टी पर विवाद खड़ा हो गया। आमतौर पर वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा के बाद टीवी स्क्रीन पर 3D एनिमेशन ग्राफिक्स दिखाया जाता है, जो इस मैच में तकनीकी खराबी के कारण नहीं दिखा। सोशल मीडिया पर फीफा की काफी आलोचना हुई, जिसके बाद फीफा ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि यह केवल एक तकनीकी गड़बड़ी थी और रेफरी का फैसला पूरी तरह सही था।


