भारतीय क्रिकेट टीम के आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए टीम चयन से पहले कप्तानी को लेकर विवाद गहरा गया है। एक तरफ जहां श्रेयस अय्यर को नया टी20 कप्तान बनाए जाने और सूर्यकुमार यादव को हटाए जाने की चर्चाएं तेज हैं, वहीं दूसरी तरफ पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद (MSK Prasad) इस फैसले के सख्त खिलाफ नजर आ रहे हैं। प्रसाद ने चयनकर्ताओं के इस संभावित कदम को एक ‘गलत मिसाल’ बताया है।
‘सूर्या को कप्तानी से हटाना एक गलत मिसाल’
पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद का मानना है कि सूर्यकुमार यादव को इस तरह अचानक कप्तानी से हटाना भारतीय क्रिकेट के लिए सही संदेश नहीं होगा। प्रसाद ने तर्क दिया कि किसी भी खिलाड़ी का फॉर्म खराब हो सकता है, लेकिन केवल आईपीएल के एक सीजन या विश्व कप की कुछ खराब पारियों के आधार पर कप्तान बदल देना अनुचित है। उन्होंने चेतावनी दी कि सूर्या जैसे स्थापित और दुनिया के नंबर वन टी20 बल्लेबाजों में शुमार खिलाड़ी को इस तरह कप्तानी से बेदखल करने से टीम ड्रेसिंग रूम का माहौल और खिलाड़ी का आत्मविश्वास बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
श्रेयस अय्यर के पक्ष में क्यों नहीं हैं पूर्व सेलेक्टर?
हालांकि श्रेयस अय्यर का हालिया आईपीएल रिकॉर्ड बतौर कप्तान और बल्लेबाज बेहतरीन रहा है, लेकिन प्रसाद उन्हें तुरंत टी20 कमान सौंपने के पक्ष में नहीं हैं। उनके अनुसार, केवल आईपीएल की सफलता को आधार बनाकर राष्ट्रीय टीम का कप्तान चुनना जल्दबाजी होगी, खासकर तब जब सामने 2028 के बड़े वैश्विक टूर्नामेंट्स (टी20 विश्व कप और ओलंपिक) का लक्ष्य हो।
क्या है पूरा कप्तानी विवाद?
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब चयन समिति द्वारा आगामी दौरों के लिए सूर्यकुमार यादव की जगह श्रेयस अय्यर को कप्तान नियुक्त करने की खबरें मीडिया में आईं। सूर्यकुमार यादव ने टी20 विश्व कप 2026 में 9 पारियों में 242 रन बनाए और आईपीएल 2026 में भी उनका बल्ला शांत रहा (13 पारियों में 270 रन)। इस प्रदर्शन के बाद चयनकर्ता दीर्घकालिक विकल्प तलाश रहे हैं। दूसरी ओर, श्रेयस अय्यर ने आईपीएल 2025 में 604 रन और आईपीएल 2026 में 498 रन बनाकर शानदार निरंतरता दिखाई है, जिसके कारण वह कप्तानी की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।
शनिवार की बैठक पर टिकी हैं नजरें
चयन समिति की शनिवार (6 जून) को होने वाली आधिकारिक बैठक बेहद अहम हो गई है। अब देखना यह होगा कि क्या अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति पूर्व चयनकर्ताओं की इस सलाह पर विचार करती है या फिर भविष्य की टीम तैयार करने के लिए सूर्यकुमार यादव को हटाकर श्रेयस अय्यर को कमान सौंपने का कड़ा फैसला लेती है।


