पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। अमेरिकी मीडिया नेटवर्क सीएनएन (CNN) के सेटेलाइट इमेजरी विश्लेषण के अनुसार, अमेरिका और इजरायल की भीषण बमबारी के बावजूद ईरान का अंडरग्राउंड मिसाइल नेटवर्क काफी हद तक सुरक्षित है। ईरान ने मलबे और ढह चुकी सुरंगों के मुहानों को साफ करके अपनी 1,000 से ज्यादा घातक मिसाइलों को फिर से पूरी तरह एक्टिव कर लिया है और वह नए सिरे से हमलों के लिए तैयार है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| मलबे से रिकवरी | 1000 से अधिक अंडरग्राउंड मिसाइलें और भंडार पूरी तरह सुरक्षित। |
| सुरंगों की मरम्मत | हमले का शिकार हुए 69 सुरंग मुहानों में से 50 को दोबारा खोदकर खोला गया। |
| तकनीक का खेल | बेहद महंगे आधुनिक हथियारों के नुकसान को साधारण ‘बुलडोजर’ और ‘डंप ट्रकों’ से ठीक किया गया। |
| ऑपरेशनल स्टेटस | अमेरिकी सैन्य एजेंसियों के अनुसार, 90% भूमिगत मिसाइल ठिकाने आंशिक रूप से चालू हैं। |
सिर्फ बुलडोजर से फेल कर दी अमेरिका-इजरायल की रणनीति
युद्ध के दौरान अमेरिका और इजरायल ने ईरान के मिसाइल ठिकानों के रास्तों और सुरंगों के मुहानों को निशाना बनाया था ताकि मिसाइलें बाहर न निकल सकें। लेकिन युद्धविराम (Ceasefire) का फायदा उठाते हुए ईरान ने केवल बुलडोजर, लोडर्स और डंप ट्रकों जैसे साधारण उपकरणों की मदद से मलबे को साफ कर दिया और क्षतिग्रस्त रास्तों को फिर से चालू कर लिया।
हैम्बर्ग विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शोधकर्ता तिमूर कादिशेव ने बताया, “ईरान पिछले 20 सालों से इस तरह के युद्ध की तैयारी कर रही थी। अमेरिका-इजरायल को नुकसान पहुंचाने के लिए बेहद महंगे और आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करना पड़ा, लेकिन ईरान ने उसकी मरम्मत बहुत ही साधारण और सस्ती तकनीक (बुलडोजर) से कर दी।”
अंडरग्राउंड खजाने को छू भी नहीं पाए बम
एक्सपर्ट्स और अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि अमेरिका-इजरायल के हमलों से ईरान के केवल ऊपरी रास्तों को नुकसान पहुंचा था, जबकि उसका असली मिसाइल भंडार जमीन के सैकड़ों मीटर नीचे चट्टानों की परतों के बीच सुरक्षित था। जेम्स मार्टिन सेंटर फॉर नॉनप्रोलिफेरेशन स्टडीज के शोधकर्ता सैम लेयर के अनुसार, ईरान के पास 70% मोबाइल लॉन्चर और पर्याप्त मिसाइल क्रू पूरी तरह सुरक्षित हैं, जिससे वे जब चाहें दोबारा मिसाइलें दाग सकते हैं।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियां भी हैरान
न्यूयॉर्क टाइम्स और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने इस युद्धविराम के दौरान अनुमान से कहीं ज्यादा तेजी से अपनी मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं की भरपाई की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता को पंगु बनाना बताया था, लेकिन एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर स्वीकार किया, “ईरान हमारी खुफिया एजेंसियों के अनुमान से कहीं ज्यादा तेजी से रिकवरी कर रहा है।”


