वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए भीषण आत्मघाती आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक, खतरनाक आतंकी हमजा बुरहान (उर्फ अरजुमंद गुलजार डार) की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, यह घटना बुधवार देर रात मुजफ्फराबाद के पास एक घने जंगली इलाके में हुई, जहां अज्ञात हमलावरों ने उसे एम्बुश (घात) लगाकर निशाना बनाया।
मुजफ्फराबाद में ताबड़तोड़ फायरिंग
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुजफ्फराबाद के पास घात लगाकर किए गए इस सुनियोजित हमले में हमजा बुरहान पर कई राउंड गोलियां दागी गईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों द्वारा गोलियों की आवाज सुने जाने के बाद उसका शव बरामद हुआ, जिस पर गोलियों के गहरे निशान थे। वह PoK में अपनी पहचान छिपाकर और खुद को एक ‘टीचर’ बताकर रह रहा था। फिलहाल किसी भी संगठन ने इस हत्या की जिम्मेदारी नहीं ली है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि यह आतंकी संगठनों की आपसी रंजिश या किसी अज्ञात एजेंसी का टारगेटेड ऑपरेशन हो सकता है।
भारत सरकार ने 2022 में घोषित किया था आतंकी
मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा (रत्नीपोरा) का रहने वाला 23 वर्षीय हमजा बुरहान आतंकी संगठन ‘अल-बद्र’ का कमांडर था और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के नेटवर्क से भी गहराई से जुड़ा हुआ था। भारत के गृह मंत्रालय ने उसकी देशविरोधी गतिविधियों को देखते हुए साल 2022 में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत उसे आधिकारिक तौर पर आतंकवादी घोषित किया था।
पुलवामा हमले का मुख्य सूत्रधार
14 फरवरी 2019 को पुलवामा के लेथपोरा में सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में भारत के 40 जवान शहीद हो गए थे। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया था कि हमजा बुरहान इस हमले की प्लानिंग, लॉजिस्टिक्स और विस्फोटकों के समन्वय में सीधे तौर पर शामिल था। इस कायरतापूर्ण हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक कर आतंकी शिविरों को नेस्तनाबूद किया था। पाकिस्तान में छिपे भारत के दुश्मनों की ‘रहस्यमयी’ हत्याओं की कड़ी में हमजा बुरहान का खात्मा एक और बड़ी घटना है।


