भारत में मौसम के दो चरम रूप एक साथ देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां दक्षिण भारत में मानसूनी हवाओं ने दस्तक दे दी है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर और मध्य भारत के राज्य भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किया है।
अंडमान में समय से पहले मानसून, केरल में भारी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में समय से पहले दस्तक दे दी है। अगले दो-तीन दिनों में इसके पूरे अंडमान सागर और अरब सागर के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं।
- केरल में समय से पहले आगमन: आमतौर पर मानसून 1 जून को केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके 26 मई को ही केरल तट पर पहुंचने की संभावना है।
- भारी बारिश का अलर्ट: केरल के कई हिस्सों में अभी से ही मूसलाधार प्री-मानसून बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने पठानमथिट्टा और अलाप्पुझा जैसे जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी झमाझम बारिश दर्ज की गई है।
उत्तर भारत में ‘रेड अलर्ट’: दिल्ली-यूपी में पारा 44 डिग्री पार
जहां दक्षिण में राहत की बौछारें पड़ रही हैं, वहीं उत्तर भारत भट्टी की तरह तप रहा है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में सूरज के तीखे तेवर और गर्म हवाओं (लू) ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
रिकॉर्ड तोड़ तापमान: उत्तर प्रदेश के बांदा में पारा 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसके अलावा झांसी में 44.1 डिग्री, प्रयागराज में 44 डिग्री और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर में भी दोपहर के वक्त भीषण लू चल रही है, जिसके कारण मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
पहाड़ों पर भी गर्मी, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ से राहत की उम्मीद
मैदानी इलाकों की तपिश का असर पहाड़ों पर भी दिख रहा है। हिमाचल प्रदेश के ऊना में तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पहाड़ी क्षेत्र के लिहाज से काफी ज्यादा है।
हालांकि, पहाड़ों पर रहने वाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के अनुसार, 19 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जैसे इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की उम्मीद है, जिसके लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। 22 और 23 मई को होने वाली इस बारिश से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के तापमान में भी थोड़ी गिरावट आ सकती है।


