नीट (NEET-UG) पेपर लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने रविवार (17 मई) को मामले की मुख्य आरोपियों में से एक मनीषा गुरुनाथ मंधारे को 14 दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है।
अदालत की कार्यवाही और सीबीआई की दलीलें
मनीषा मंधारे की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया।
- गहन पूछताछ की मांग: जांच एजेंसी ने अदालत से आरोपी की अधिकतम रिमांड की मांग की। सीबीआई के वकीलों ने दलील दी कि इस बड़े रैकेट की पूरी कड़ियों को जोड़ने, पेपर लीक के मुख्य स्रोतों का पता लगाने और वित्तीय लेन-देन के नेटवर्क को खंगालने के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ बेहद जरूरी है।
- 14 दिन की रिमांड मंजूर: दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मनीषा मंधारे को 31 मई 2026 तक सीबीआई की हिरासत (रिमांड) में भेजने का आदेश जारी कर दिया।
कौन है मनीषा मंधारे और क्या हैं आरोप?
मनीषा गुरुनाथ मंधारे को इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क की एक बेहद अहम कड़ी माना जा रहा है।
- उम्मीदवारों को जोड़ने का आरोप: जांच के मुताबिक, मनीषा पर नीट परीक्षा के अवैध प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं को मोटी रकम के बदले परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों तक पहुंचाने (सर्कुलेट करने) का गंभीर आरोप है।
- दलालों से कनेक्शन: वह देश के विभिन्न राज्यों में फैले शिक्षा माफिया और बिचौलियों के सीधे संपर्क में थी और कथित तौर पर भारी-भरकम वित्तीय लेन-देन के प्रबंधन में शामिल थी।
नीट जांच का दायरा और आगामी कदम
इस रिमांड के बाद सीबीआई का मुख्य ध्यान पेपर लीक के मास्टरमाइंड तक पहुंचना है।
- आमने-सामने बिठाकर पूछताछ: सीबीआई आने वाले दिनों में मनीषा मंधारे को इस मामले में पहले से गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों और बिचौलियों के आमने-सामने बिठाकर पूछताछ कर सकती है, ताकि बयानों के विरोधाभास को दूर किया जा सके।
- डिजिटल सबूतों की जांच: जांच एजेंसी आरोपी के मोबाइल फोन, बैंक खातों के विवरण और अन्य डिजिटल दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि पैसों के लेन-देन (मनी ट्रेल) के पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।
नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर देशभर में मचे बवाल के बाद केंद्र सरकार ने इसकी जांच सीबीआई को सौंपी थी। तब से एजेंसी देश के अलग-अलग हिस्सों (जैसे बिहार, झारखंड, गुजरात और दिल्ली) से कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मनीषा की गिरफ्तारी इस परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वाले बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।


