टी20 वर्ल्ड कप 2026 के खत्म होने के बाद एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने क्रिकेट जगत को हिला कर रख दिया है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, टूर्नामेंट के कुछ मैचों पर मैच फिक्सिंग का साया मंडरा रहा है और चौंकाने वाली बात यह है कि इसके तार कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा किया जा रहा है।
कनाडा टीम के कप्तान घेरे में
इस पूरे स्कैंडल के केंद्र में कनाडा क्रिकेट टीम और उनके कप्तान हैं। खुफिया एजेंसियों और एंटी-करप्शन यूनिट की जांच में यह संकेत मिले हैं कि कनाडा के कुछ खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन के कुछ सदस्यों के संपर्क सट्टेबाजों से थे, जो सीधे तौर पर लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट के लिए काम कर रहे थे।
- संदिग्ध प्रदर्शन: टूर्नामेंट के दौरान कनाडा के कुछ मुकाबलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन और मैच की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। विशेष रूप से कुछ ओवरों में असामान्य रूप से रन देना और खराब शॉट चयन जांच के दायरे में है।
- गैंगस्टर कनेक्शन: रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कनाडा में सक्रिय बिश्नोई गैंग के गुर्गों ने टीम के कुछ प्रमुख सदस्यों को धमकाकर या लालच देकर मैच के नतीजे प्रभावित करने की कोशिश की थी।
- कमिश्नर की रिपोर्ट: आईसीसी (ICC) की एंटी-करप्शन यूनिट को इस संबंध में कुछ ‘इंटरसेप्टेड’ कॉल्स और डिजिटल सबूत मिले हैं, जिसके बाद कनाडा के कप्तान से पूछताछ की जा सकती है।
आईसीसी का रुख
आईसीसी ने इन खबरों पर फिलहाल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि एक उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो कनाडा क्रिकेट पर कड़े प्रतिबंध लग सकते हैं और दोषी खिलाड़ियों को आजीवन प्रतिबंधित किया जा सकता है।
क्रिकेट और अपराध का गठजोड़
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम अब तक रंगदारी और हत्या जैसे अपराधों में आता रहा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इसके दखल की खबर ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि सट्टेबाजी के अवैध कारोबार में वर्चस्व कायम करने के लिए गैंग अब खेल के मैदान का रुख कर रहा है।
यह विवाद न केवल कनाडा क्रिकेट की छवि को धूमिल कर रहा है, बल्कि टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच की विश्वसनीयता पर भी सवालिया निशान खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़ी गिरफ्तारियां और खुलासे होने की उम्मीद है।


