आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस (MI) के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन अब तक काफी निराशाजनक रहा है। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में शुमार बुमराह इस सीजन के शुरुआती पांच मैचों में एक भी विकेट लेने में सफल नहीं रहे हैं। इस ‘विकेटों के सूखे’ पर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान और आकाश चोपड़ा ने गहरा विश्लेषण किया है।
विकेट न मिलने के मुख्य कारण: इरफान पठान का विश्लेषण
इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर बुमराह की गेंदबाजी के आंकड़ों के आधार पर कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं:
- धीमी गेंदों की अधिकता: पठान के अनुसार, बुमराह इस सीजन में जरूरत से ज्यादा धीमी गेंदों (Slower balls) का इस्तेमाल कर रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, वह लगभग 44 प्रतिशत गेंदें धीमी फेंक रहे हैं, जिसका मतलब है कि उनकी हर दूसरी गेंद स्लोअर वन होती है।
- औसत गति में गिरावट: अधिक धीमी गेंदें फेंकने के कारण बुमराह की औसत गति गिरकर 130 किमी/घंटा के आसपास आ गई है। पठान का मानना है कि जब एक एक्सप्रेस पेसर इतनी ज्यादा गति परिवर्तन करता है, तो बल्लेबाजों के लिए उसे पढ़ना आसान हो जाता है क्योंकि ‘सरप्राइज फैक्टर’ खत्म हो जाता है।
- बल्लेबाजों का निडर रवैया: इस सीजन में युवा बल्लेबाज बुमराह के खिलाफ आक्रामक रुख अपना रहे हैं। पठान ने उदाहरण दिया कि कैसे 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने बुमराह की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा। जब बल्लेबाज बुमराह को सम्मान देने के बजाय उन पर प्रहार करते हैं, तो उनकी लय बिगड़ रही है।
आकाश चोपड़ा का नजरिया
आकाश चोपड़ा ने भी सहमति जताई कि बुमराह अपनी पुरानी धार खोते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आमतौर पर बल्लेबाज बुमराह के ओवर सुरक्षित निकालकर अन्य गेंदबाजों को निशाना बनाते हैं, लेकिन इस बार बुमराह खुद रन लुटा रहे हैं। पांच मैचों में 19 ओवर फेंककर उन्होंने लगभग 8.63 की इकोनॉमी से 164 रन दिए हैं, जो उनके कद के हिसाब से काफी अधिक है।
पठान की सलाह: “सिंपल सॉल्यूशन”
इरफान पठान ने बुमराह को एक सरल समाधान सुझाया है:
- तेज गेंदों का अनुपात बढ़ाएं: बुमराह को अपनी नेचुरल पेस पर वापस आना चाहिए।
- स्लोअर बॉल्स का कम इस्तेमाल: यदि वह धीमी गेंदों के प्रतिशत को 44% से घटाकर 30-35% पर ले आते हैं, तो उनकी धीमी गेंदें अधिक प्रभावी होंगी क्योंकि बल्लेबाज तेज गेंद की उम्मीद कर रहा होगा।
- मुंबई इंडियंस की लगातार चार हार का एक बड़ा कारण बुमराह का विकेट न ले पाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बुमराह को किसी कोचिंग की नहीं, बल्कि अपनी रणनीति में छोटे बदलाव की जरूरत है ताकि वह फिर से ‘यॉर्कर किंग’ के रूप में वापसी कर सकें।


