अप्रैल 2026 में असम विधानसभा चुनाव के प्रचार ने उस समय एक बेहद आक्रामक मोड़ ले लिया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा पर सीधा और तीखा हमला बोला। विश्वनाथ (Biswanath) में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने भ्रष्टाचार के मुद्दों पर मुख्यमंत्री को सीधी चेतावनी दी।
‘सत्ता में आते ही होगी जेल’: राहुल गांधी का कड़ा रुख
राहुल गांधी ने अपने भाषण में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा पर भ्रष्टाचार और राज्य के संसाधनों के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने जनता के सामने संकल्प लेते हुए कहा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि असम में “भ्रष्टाचार की मशीन” चल रही है और मुख्यमंत्री इसमें सीधे तौर पर शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “हिमंता बिस्व सरमा सुन लें, हम उन्हें नहीं बख्शेंगे। जैसे ही असम में कांग्रेस गठबंधन की सरकार सत्ता में आएगी, भ्रष्टाचार की जांच कराई जाएगी और उन्हें जेल भेजा जाएगा।” संसाधनों की लूट: कांग्रेस नेता ने दावा किया कि असम के चाय बागानों से लेकर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं तक, सब कुछ केवल कुछ चुनिंदा लोगों के फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
असम चुनाव 2026: राजनीतिक पारा चरम पर
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस-नीत गठबंधन (Maha-Jot) के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है।
- भाजपा का पलटवार: राहुल गांधी के इस बयान पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “हताशा भरा बयान” करार देते हुए कहा कि राहुल गांधी को असम की जनता पहले ही नकार चुकी है और जेल की धमकी से वे डरने वाले नहीं हैं।
- प्रमुख मुद्दे: इस चुनाव में CAA-NRC, चाय बागान मजदूरों की मजदूरी, बेरोजगारी और हालिया बाढ़ प्रबंधन मुख्य चुनावी मुद्दे बनकर उभरे हैं।
चुनावी माहौल: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह आक्रामक अंदाज असम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकने की कोशिश है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां भाजपा की पकड़ मजबूत मानी जाती है।


