भारतीय सिनेमा में नितेश तिवारी की आगामी फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच भारी उत्साह है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभाने जा रहे हैं, लेकिन इसी बीच सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के एक प्रयोग ने नई बहस छेड़ दी है।
AI अवतार में सुशांत सिंह राजपूत
हाल ही में एक डिजिटल कलाकार ने AI तकनीक का उपयोग करके दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को भगवान राम के रूप में चित्रित किया है। इन तस्वीरों में सुशांत को पारंपरिक राजसी वेशभूषा, धनुष-बाण और दिव्य आभा के साथ दिखाया गया है। देखते ही देखते ये तस्वीरें इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गई हैं।
रणबीर कपूर से तुलना और फैंस की प्रतिक्रिया
सुशांत के इस AI अवतार को देखकर उनके प्रशंसक भावुक हो गए हैं। सोशल मीडिया पर फैंस रणबीर कपूर और सुशांत सिंह राजपूत के लुक्स की तुलना कर रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि सुशांत की सौम्य मुस्कान और आंखों की गहराई उन्हें इस भूमिका के लिए रणबीर कपूर से कहीं बेहतर विकल्प बनाती।
- भावुक कमेंट्स: फैंस ने लिखा, “काश सुशांत आज हमारे बीच होते, तो वे पर्दे पर साक्षात भगवान राम की तरह दिखते।” कुछ अन्य यूजर्स ने रणबीर कपूर के लुक को ‘आर्टिफिशियल’ बताते हुए सुशांत के AI वर्जन को अधिक ‘प्राकृतिक’ और ‘दैवीय’ करार दिया है।
त्वचा के नीले रंग पर छिड़ी बहस
AI द्वारा बनाई गई इन तस्वीरों में भगवान राम के शरीर का रंग हल्का नीला (Shyam Varna) दिखाया गया है। इसको लेकर इंटरनेट दो गुटों में बंट गया है:
- समर्थक: एक पक्ष का तर्क है कि प्राचीन ग्रंथों और पौराणिक कथाओं में भगवान राम को ‘नीलमेघ श्यामलम्’ कहा गया है, इसलिए नीला रंग उनके दिव्य स्वरूप को सही ढंग से दर्शाता है।
- विरोधी: वहीं, कुछ लोगों का मानना है कि ‘श्याम वर्ण’ का अर्थ गहरा सांवला होता है, नीला नहीं। उनका कहना है कि फिल्मों में नीले रंग का अधिक प्रयोग किरदारों को वास्तविक दिखाने के बजाय ‘एनिमेटेड’ बना देता है।
‘रामायण’ फिल्म की वर्तमान स्थिति
नितेश तिवारी की फिल्म की बात करें तो रणबीर कपूर इसके लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने इस भूमिका के लिए मांसाहार और शराब का त्याग कर दिया है और अपनी आवाज व डिक्शन पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। फिल्म में साई पल्लवी ‘माता सीता’ और यश ‘रावण’ की भूमिका में नजर आएंगे।
सुशांत सिंह राजपूत की इन AI तस्वीरों ने न केवल उनकी यादों को ताजा कर दिया है, बल्कि ‘रामायण’ जैसी मेगा-बजट फिल्म के लिए दर्शकों की उम्मीदों और कास्टिंग के मानदंडों पर भी एक नई चर्चा शुरू कर दी है। सुशांत के फैंस के लिए यह एक कड़वा-मीठा अहसास है, जो उनकी कमी को आज भी महसूस करते हैं।


