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    मंदिरों और मस्जिदों से मुनादी, शराब न खरीदें, सेवन बिल्कुल न करें, मेरठ में क्यों दी जा रही सलाह?

    उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों के बाद प्रशासन और स्थानीय समाज में हड़कंप मच गया है। दौराला क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में तीन लोगों की मौत होने के बाद अब गांवों में मंदिरों और मस्जिदों के लाउडस्पीकरों से लोगों को जागरूक करने के लिए मुनादी (घोषणा) की जा रही है।


    जहरीली शराब का कहर

    मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों में जहरीली शराब पीने से तीन ग्रामीणों की जान चली गई। मृतकों के परिजनों का आरोप है कि शराब स्थानीय ठेके से खरीदी गई थी, जिसके सेवन के तुरंत बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। घटना की गंभीरता को देखते हुए आबकारी विभाग और पुलिस की टीम ने संबंधित शराब की दुकान को तुरंत सील कर दिया है। शराब के स्टॉक के नमूने लेकर उन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया है ताकि यह पुष्टि हो सके कि शराब में मिलावट थी या नहीं।

    मंदिर-मस्जिदों से अनोखी मुनादी

    घटना के बाद और मौतों का आंकड़ा न बढ़े, इसके लिए प्रशासन और ग्रामीणों ने एक अनूठी पहल की है। क्षेत्र के मंदिरों और मस्जिदों से लाउडस्पीकर के जरिए लगातार घोषणाएं की जा रही हैं कि: “कोई भी ग्रामीण फिलहाल शराब न खरीदे। यदि किसी ने पहले से शराब खरीद ली है, तो उसका सेवन बिल्कुल न करें क्योंकि यह जानलेवा हो सकती है।” स्थानीय पुलिस भी लाउडस्पीकर लगी गाड़ियों के माध्यम से गांवों में गश्त कर रही है और लोगों को सचेत कर रही है।

    पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

    पुलिस ने अवैध शराब के कारोबारियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर छापेमारी शुरू कर दी है। संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। ठेका भाकियू नेता मिंटू अहलावत निवासी दौराला के पिता जयपाल अहलावत के नाम पर है। पुलिस ने जयपाल अहलावत और ठेके के दो सेल्समैन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। मृतकों के परिजनों ने शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की मांग की है।


    मेरठ की इस घटना ने एक बार फिर मिलावटी और जहरीली शराब के खतरे को उजागर कर दिया है। धार्मिक स्थलों के लाउडस्पीकरों का उपयोग इस बार किसी धार्मिक आयोजन के लिए नहीं, बल्कि अनमोल जिंदगियों को बचाने की पुकार के लिए किया जा रहा है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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