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    जो कदम रखेगा, वह ताबूत में ही लौटेगा, अमेरिकी सैनिकों की तैनाती पर बोला ईरान

    पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के सरकारी मीडिया ने अमेरिका को बेहद तीखी और डरावनी चेतावनी दी है। ईरान के प्रमुख अंग्रेजी अखबार ‘तेहरान टाइम्स’ ने अपने मुखपृष्ठ (फ्रंट पेज) पर ‘नरक में स्वागत है’ (Welcome to Hell) शीर्षक के साथ एक लेख छापा है, जिसमें अमेरिकी सैनिकों की संभावित तैनाती को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया है।


    ईरानी मीडिया की ‘ताबूत’ वाली चेतावनी

    ईरानी मीडिया की यह प्रतिक्रिया उन खबरों के बाद आई है जिनमें दावा किया गया है कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ जमीनी कार्रवाई (Ground Invasion) के लिए मध्य पूर्व में हजारों अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर सकता है।

    • मुख्य संदेश: तेहरान टाइम्स ने साफ शब्दों में लिखा है कि जो भी अमेरिकी सैनिक ईरानी धरती पर कदम रखेगा, वह केवल ताबूत में ही वापस लौटेगा।
    • प्रतीकात्मक फोटो: अखबार ने अमेरिकी सैनिकों की एक तस्वीर के साथ यह चेतावनी जारी की है, जो सीधे तौर पर मनोवैज्ञानिक युद्ध (Psychological Warfare) का हिस्सा मानी जा रही है।
    • रणनीतिक जवाब: ईरान ने दावा किया है कि उसके पास 10 लाख से अधिक लड़ाके तैयार हैं जो किसी भी विदेशी आक्रमण का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।

    तनाव के प्रमुख कारण

    1. सैनिकों की तैनाती: रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका लगभग 10,000 अतिरिक्त सैनिकों को क्षेत्र में भेजने पर विचार कर रहा है। इसमें 82वीं एयरबोर्न डिवीजन और मरीन कॉर्प्स के जवान शामिल हो सकते हैं।
    2. खार्ग द्वीप पर नजर: अमेरिका की नजर ईरान के रणनीतिक तेल केंद्र खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर हो सकती है, जहाँ से ईरान का 90% तेल निर्यात होता है।
    3. होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान ने पहले ही चेतावनी दी है कि अगर उस पर हमला हुआ, तो वह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर देगा।

    ईरान का आंतरिक रुख

    ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने भी पड़ोसी देशों को सतर्क किया है। उन्होंने कहा है कि यदि किसी भी क्षेत्रीय देश ने अमेरिका या इजरायल को अपनी धरती से ईरान पर हमला करने की अनुमति दी, तो उसे भी गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि वे युद्ध की शुरुआत नहीं करेंगे, लेकिन सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर हमला होने पर उनकी प्रतिक्रिया “अकल्पनीय और विनाशकारी” होगी।


    क्या युद्ध और बढ़ेगा?

    फिलहाल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ बातचीत के विकल्प खुले होने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ पेंटागन अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ‘जमीनी हमला’ अमेरिका के लिए एक ‘दलदल’ (Quagmire) साबित हो सकता है, जिससे निकलने का रास्ता आसान नहीं होगा।

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