फिल्म ‘धुरंधर 2’ (Dhurandhar 2) की अपार सफलता के साथ ही एक नया विवाद गहरा गया है। इस फिल्म में अभिनेता राकेश बेदी द्वारा निभाया गया ‘जमील जमाली’ का किरदार सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब इस किरदार की असली प्रेरणा कहे जाने वाले पाकिस्तानी राजनेता नबील गबोल (Nabil Gabol) ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और फिल्म के मेकर्स को अपनी फिल्म के जरिए जवाब देने का ऐलान किया है।
क्या है विवाद?
फिल्म ‘धुरंधर 2’ में एक बड़ा ‘ट्विस्ट’ दिखाया गया है, जहां जमील जमाली (राकेश बेदी) को एक भारतीय जासूस (R&AW एजेंट) के रूप में पेश किया गया है जो दशकों से पाकिस्तान में रह रहा था।
- पहचान का दावा: नबील गबोल का मानना है कि यह किरदार उन पर आधारित है क्योंकि कहानी उस समय की है जब वह कराची के ल्यारी क्षेत्र से नेशनल असेंबली (MNA) के सदस्य थे।
- ट्रोलिंग का शिकार: फिल्म रिलीज होने के बाद, भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स ने नबील गबोल को जमकर ट्रोल किया। लोगों का कहना है कि पहले तो गबोल गर्व से इस किरदार को खुद से प्रेरित बता रहे थे, लेकिन फिल्म में ‘जासूस’ वाला एंगल आते ही वह घबरा गए हैं।
नबील गबोल का पलटवार: ‘ल्यारी का गब्बर’
भारी ट्रोलिंग और अपनी छवि खराब होने के आरोपों के बीच नबील गबोल ने घोषणा की है कि वह अपनी खुद की कहानी दिखाएंगे।
- अपनी फिल्म का ऐलान: गबोल ने कहा कि वह आदित्य धर की फिल्म के जवाब में अपनी फिल्म बनाएंगे। उन्होंने इसे ‘धुरंधर 3’ नहीं, बल्कि ‘ल्यारी का गब्बर’ (Lyari Ka Gabbar) नाम देने की बात कही है।
- छवि पर आपत्ति: गबोल का कहना है कि फिल्म में उन्हें एक ‘डरपोक’ और ‘चापलूस’ राजनेता के रूप में दिखाया गया है, जबकि असल जिंदगी में उनकी छवि एक ‘दबंग’ नेता की है।
- भारत पर तंज: एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “सच्चाई यह है कि वे (भारत) पाकिस्तान या पाकिस्तानी सेना से लड़ नहीं सकते, इसलिए उन्होंने फिल्म बनाई है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फिल्म के जरिए ल्यारी को गलत तरीके से पेश किया गया है।
बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर 2’ का जलवा
जहां एक तरफ पाकिस्तान में इस फिल्म को लेकर नाराजगी है, वहीं दूसरी तरफ ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक कमाई कर रही है। फिल्म ने महज कुछ ही दिनों में दुनिया भर में 700 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन कर लिया है। रणवीर सिंह के अभिनय और फिल्म के सस्पेंस ने इसे साल की सबसे बड़ी हिट्स में शुमार कर दिया है।
नोट: राकेश बेदी ने इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि उन्होंने किसी विशेष व्यक्ति को कॉपी नहीं किया, बल्कि यह सभी राजनेताओं का एक सामान्य चित्रण था।


