रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ (Dhurandhar 2) की रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर एक अजीबोगरीब दावा वायरल हो रहा है। वायरल वीडियोज में दावा किया जा रहा है कि फिल्म से घबराकर पाकिस्तानी पुलिस और स्थानीय लोग कराची के ल्यारी (Lyari) इलाके की गलियों में ‘भारतीय जासूसों’ की तलाश कर रहे हैं।
क्या है वायरल दावा?
सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में पुलिस बल को गलियों में सघन तलाशी अभियान चलाते देखा जा सकता है। नेटिजन्स का कहना है कि फिल्म में जिस तरह रणवीर सिंह का किरदार (हमजा) ल्यारी के अंडरवर्ल्ड में घुसकर मिशन को अंजाम देता है, उसने पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों में खौफ पैदा कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि पुलिस अब हर अनजान शख्स, यहाँ तक कि सो रहे भिखारियों की भी जांच कर रही है कि कहीं वे भारतीय जासूस तो नहीं।
वायरल वीडियो का सच (Fact Check)
फैक्ट चेक और आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है:
- पुराना वीडियो: वायरल हो रहे ये वीडियो बिल्कुल नए नहीं हैं। ये कराची (विशेषकर ल्यारी इलाके) में पुलिस द्वारा किए गए पुराने ऑपरेशन्स के हैं।
- रूटीन चेकिंग: इसी तरह के वीडियो जुलाई 2025 के आसपास से ही इंटरनेट पर मौजूद हैं, जो नियमित सुरक्षा जांच और स्थानीय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को दर्शाते हैं।
- फिल्मी कनेक्शन: इन वीडियो का ‘धुरंधर 2’ से कोई सीधा संबंध नहीं है। इंटरनेट यूजर्स ने फिल्म की कहानी के साथ इन पुराने दृश्यों को जोड़कर एक काल्पनिक विमर्श (Narrative) तैयार कर दिया है।
पाकिस्तान में ‘धुरंधर 2’ का प्रभाव
भले ही वायरल वीडियो पुराने हों, लेकिन फिल्म को लेकर पाकिस्तान में चर्चा जरूर है:
- फिल्म पर प्रतिबंध: ‘धुरंधर 2’ पाकिस्तान और खाड़ी देशों में आधिकारिक रूप से प्रतिबंधित (Ban) है।
- पायरेसी और रिएक्शन: इसके बावजूद, वहां के लोग चोरी-छिपे या विदेश जाकर फिल्म देख रहे हैं। हाल ही में एक पाकिस्तानी परिवार का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने फिल्म की आलोचना करते हुए इसे ‘प्रोपेगेंडा’ बताया था।
- जमील जमाली विवाद: फिल्म में राकेश बेदी द्वारा निभाए गए राजनेता ‘जमील जमाली’ के किरदार को लेकर भी पाकिस्तानी राजनेता नबील गबोल ने नाराजगी जाहिर की है, क्योंकि यह किरदार कथित तौर पर उन्हीं से प्रेरित बताया जा रहा है।
पाकिस्तान में भारतीय जासूसों की ‘फिल्मी स्टाइल’ में तलाश होने वाली खबरें महज सोशल मीडिया अफवाहें और मीम्स का हिस्सा हैं। वास्तविकता में ये पुलिस की रूटीन कार्रवाई के पुराने वीडियो हैं जिन्हें फिल्म की लोकप्रियता भुनाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।


