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    ईद के मंच से सियासी हुंकार, ममता बनर्जी बोलीं, ‘मताधिकार नहीं छीनने देंगे’

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर रेड रोड स्थित नमाज स्थल से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मी के बीच ममता बनर्जी ने इस मंच का उपयोग राजनीतिक संदेश देने के लिए किया और मतदाताओं को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति सतर्क रहने को कहा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह किसी भी कीमत पर राज्य के नागरिकों का ‘मतदान का अधिकार’ छिनने नहीं देंगी।


    ममता बनर्जी के मुख्य आरोप

    ममता बनर्जी ने अपने संबोधन में भाजपा पर चुनावों को प्रभावित करने के लिए केंद्रीय संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया सीएम ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के SIR के नाम पर लाखों वैध मतदाताओं, विशेषकर अल्पसंख्यकों और महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में किए गए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के ‘एकतरफा’ तबादलों को ‘तानाशाही’ करार दिया और इसे भाजपा को फायदा पहुँचाने की कोशिश बताया। ममता ने लोगों से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि कुछ ताकतें चुनाव से पहले राज्य का माहौल बिगाड़ने और दंगे भड़काने की कोशिश कर सकती हैं।

    ममता ने कहा, सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है। अल्लाह आपको आशीर्वाद दे। भारत और बंगाल तरक्की करे। जो लोग बंगाल को निशाना बनाते हैं वे नरक में जाएं। खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले, खुदा बंदे से खुद पूछें, बता तेरी रज़ा क्या है। हमारा बस एक इरादा है। भाजपा को हटाना और देश की रक्षा करना।”

    ‘अकेले लड़ेंगे और जीतेंगे’

    तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि वह डराने-धमकाने की राजनीति के आगे नहीं झुकेंगी। उन्होंने कहा, “वे (भाजपा) सोचते हैं कि अधिकारियों को हटाकर या वोटर लिस्ट से नाम काटकर वे चुनाव जीत जाएंगे, लेकिन बंगाल की जनता उन्हें करारा जवाब देगी। हम अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट तक गए हैं और सड़क पर भी लड़ेंगे।”


    2026 चुनाव का गणित

    बंगाल में अप्रैल-मई 2026 में चुनाव होने हैं। ममता बनर्जी जहाँ चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही हैं, वहीं भाजपा ‘परिवर्तन संकल्प यात्रा’ के जरिए टीएमसी के किले को ढहाने में जुटी है। ईद के मंच से दिया गया यह भाषण आने वाले हफ्तों में बंगाल की राजनीति को और अधिक गरमाने वाला साबित होगा।

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