उत्तर प्रदेश की राजनीति में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग फिर से तेज हो गई है। हालिया बयानों में केशव प्रसाद मौर्य ने एक बार फिर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव को सीधे तौर पर ‘देशद्रोही’ तो नहीं कहा, लेकिन उनकी देशभक्ति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मौर्य ने कहा कि सपा मुखिया के बयानों और उनकी राजनीति का तरीका देशहित के बजाय तुष्टीकरण की ओर झुका हुआ है, जिस पर संदेह करना स्वाभाविक है। मौर्य ने कहा, अखिलेश यादव अब ‘अफवाह यादव’ और राहुल गांधी ‘अफवाह गांधी’ बन चुके हैं।
तुष्टीकरण की राजनीति
केशव मौर्य का आरोप है कि अखिलेश यादव सत्ता हासिल करने के लिए ऐसे तत्वों का समर्थन करते हैं जो देश की अखंडता के लिए खतरा हो सकते हैं। डिप्टी सीएम ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी विकास के मुद्दों पर बात करने के बजाय केवल विवाद पैदा करने और समाज को बांटने की राजनीति करती है। मौर्य ने यह भी कहा कि आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सपा खेमे में घबराहट है, जिसके कारण अखिलेश यादव का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और वे उटपटांग बयान दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में केशव प्रसाद मौर्य और अखिलेश यादव के बीच का यह टकराव नया नहीं है। दोनों नेता अक्सर एक-दूसरे को ‘स्टूल मंत्री’, ‘राजनीतिक वनवास’ और ‘अपराधियों का संरक्षक’ जैसे शब्दों से संबोधित करते रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे यूपी में विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं, दोनों पक्षों की ओर से ऐसे तीखे बयानों और आक्रामक रुख में और वृद्धि देखने को मिलेगी।
सपा की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता अक्सर केशव मौर्य के इन हमलों को ‘ध्यान भटकाने वाली रणनीति’ बताते रहे हैं।


