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    PM मोदी के दौरे के बाद मिला मौका, ईरान पर हमले के बाद इजरायल का खुलासा

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इजरायल यात्रा और उसके तुरंत बाद ईरान पर हुए हमलों को लेकर राजनीति और कूटनीति दोनों गरमा गई हैं। भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार (Reuven Azar) ने इस पूरे घटनाक्रम पर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजदूत अजर ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा और ईरान पर हमले के समय का आपस में कोई पूर्व-नियोजित संबंध नहीं था।

    राजदूत के बयान के मुख्य बिंदु

    ​इजरायली राजदूत ने ईरान पर हमले और पीएम मोदी की यात्रा को लेकर निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें कहीं:

    • ऑपरेशनल मौका: अजार ने कहा कि ईरान पर हमला करने का ‘ऑपरेशनल मौका’ प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल से रवाना होने के बाद ही बना। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब पीएम मोदी वहां थे, तब यह जानकारी साझा नहीं की गई थी क्योंकि उस समय यह तय ही नहीं था।
    • दो दिन बाद की कार्रवाई: राजदूत के अनुसार, पीएम मोदी के जाने के लगभग दो दिन बाद इजरायली सुरक्षा कैबिनेट ने शनिवार सुबह (28 फरवरी, 2026) इस ऑपरेशन को मंजूरी दी थी।
    • इंटेलिजेंस निवेश: उन्होंने बताया कि यह हमला कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि इजरायल ने ईरान की सैन्य मशीनरी को समझने और अपनी खुफिया क्षमता बढ़ाने के लिए दशकों तक अरबों डॉलर का निवेश किया है।
    • भारत को जानकारी: हमले के बाद इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात की और उन्हें उन कारणों से अवगत कराया जिनकी वजह से इजरायल को यह सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी।

    विवाद की वजह क्या है?

    ​पीएम मोदी की इजरायल यात्रा के तुरंत बाद (फरवरी के अंत में) इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर बड़े हवाई हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत की खबरें भी सामने आईं। विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाए:

    • विपक्ष का आरोप: कांग्रेस ने पीएम मोदी की यात्रा के समय को ‘गलत’ बताते हुए आरोप लगाया कि इससे यह संदेश गया कि भारत सैन्य तनाव का समर्थन कर रहा है।
    • सरकार और भाजपा का पक्ष: सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत हमेशा शांति और बातचीत का पक्षधर रहा है। अमित मालवीय जैसे भाजपा नेताओं ने कहा कि हमलों की योजना मोदी की यात्रा से पहले ही बन चुकी थी और विपक्ष इसे बिना वजह जोड़ रहा है।

    वर्तमान स्थिति

    ​भारत वर्तमान में पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर बेहद सतर्क है। प्रधानमंत्री मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक बुलाई है ताकि क्षेत्र में रहने वाले लाखों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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