मिडिल ईस्ट में हालात अब पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गए हैं। 28 फरवरी 2026 की सुबह अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए साझा हमले के बाद, ईरान ने अब तक का सबसे बड़ा पलटवार किया है। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस को निशाना बनाया है।
बहरीन में अमेरिकी नेवी बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल अटैक
ईरान ने अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए बहरीन में मौजूद अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े (US Navy’s 5th Fleet) के मुख्यालय पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इस हमले में अमेरिकी बेस को कितना नुकसान हुआ है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन वहां भारी धमाकों और आग की खबरें हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा है कि जो भी देश अमेरिका या इजरायल को अपनी जमीन का इस्तेमाल करने देगा, उसे अंजाम भुगतना होगा।
तेहरान में तबाही और खामेनेई का पलायन
इससे पहले, अमेरिका और इजरायल ने मिलकर तेहरान के 30 रणनीतिक ठिकानों पर हमला किया था। इजरायली मिसाइलों ने ईरान के परमाणु ऊर्जा संस्थान (AEOI), रक्षा मंत्रालय और खुफिया विभाग के मुख्यालयों को ध्वस्त कर दिया है। हमले के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई तेहरान में नहीं थे; उन्हें तुरंत एक गुप्त और सुरक्षित बंकर में शिफ्ट कर दिया गया है।
जंग का वैश्विक असर
- तेल की कीमतें: युद्ध छिड़ते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में 10% से ज्यादा का उछाल देखा गया है।
- हवाई क्षेत्र बंद: ईरान, इजरायल, जॉर्डन और इराक ने अपने एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिए हैं, जिससे वैश्विक उड़ानों का रूट बदल गया है।
- भारत की स्थिति: भारत ने अपने नागरिकों के लिए सख्त ट्रेवल एडवाइजरी जारी की है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि ईरान ने अपने हमले नहीं रोके, तो अमेरिका ‘विनाशकारी शक्ति’ का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा।


