भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर भारत के मौसम के मिजाज में एक बार फिर बड़ा बदलाव आने वाला है। 26 फरवरी 2026 से एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय हो रहा है, जिसका दोहरा असर देखने को मिलेगा— पहाड़ों पर बर्फबारी होगी, जबकि मैदानी इलाकों में गर्मी दस्तक देगी।
पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश
नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिमालयी क्षेत्रों के मौसम में हलचल शुरू होगी।
- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश: इन राज्यों के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना है।
- उत्तराखंड: यहाँ के कुछ जनपदों में गर्जना के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, विक्षोभ के ‘कमजोर’ होने के कारण भारी हिमपात की चेतावनी नहीं दी गई है, लेकिन पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मैदानी इलाकों में बढ़ेगा तापमान
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों (दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश) में इस विक्षोभ का असर अलग तरह से दिखेगा।
- पारा चढ़ेगा: पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंडी हवाओं का रुख बदलेगा, जिससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
- गर्मी की शुरुआत: फरवरी के अंतिम दिनों में ही लोगों को मार्च जैसी गर्मी का अहसास होने लगेगा। दोपहर के समय धूप तेज होगी और सुबह-शाम की गुलाबी ठंड भी कम होने लगेगी।
विशेषज्ञों की राय और कृषि पर प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव बसंत के जाने और ग्रीष्म ऋतु के आगमन का संकेत है। किसानों के लिए यह समय महत्वपूर्ण है:
- गेहूं की फसल: तापमान में अचानक वृद्धि गेहूं की अगेती किस्मों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि इससे दाने पकने की प्रक्रिया प्रभावित होती है।
- तेज हवाएं: विक्षोभ के गुजरने के बाद मैदानी इलाकों में 20-30 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
आगामी अपडेट: मौसम विभाग के अनुसार, मार्च के पहले सप्ताह में एक और मजबूत विक्षोभ आने की संभावना है, जो व्यापक बारिश ला सकता है।


