संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन नीट (NEET) पेपर लीक और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के मुद्दे पर जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी दलों के प्रमुख नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके कक्ष में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए पुलिसिया बल प्रयोग पर कड़ा विरोध दर्ज कराया और मांग की कि संसद में इस विषय पर तुरंत विस्तृत चर्चा कराई जाए।
जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन और लाठीचार्ज
दरअसल, नीट परीक्षा में कथित धांधली और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठनों ने संसद घेराव का आह्वान किया था। जब बड़ी संख्या में छात्र और युवा जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने लगे, तो पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। स्थिति अनियंत्रित होने पर पुलिस ने वाटर कैनन, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर किया। इस घटना में कई छात्रों के घायल होने की खबर आई, जिसके बाद विपक्ष आक्रामक हो गया।
राहुल गांधी और विपक्ष का कड़ा रुख
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि अपने हक और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे निर्दोष छात्रों पर लाठियां क्यों चलाई गईं?
छात्रों के भविष्य का सवाल: नीट पेपर लीक से देश के लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा है। सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर लाठियां बरसा रही है।
- सदन में प्राथमिकता से चर्चा: विपक्ष ने मांग की कि कार्यस्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion) स्वीकार कर सदन की अन्य सभी कार्रवाइयों को रोककर इस मुद्दे पर चर्चा शुरू कराई जाए।
मल्लिकार्जुन खरगे का हमला: राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया और कहा, “छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र पर हमला है। सरकार युवाओं की आवाज को दबाना चाहती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
संसद के दोनों सदनों में हंगामा और स्थगन
विपक्ष के इस कड़े रुख और नारेबाजी के कारण मानसून सत्र के पहले ही दिन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। विपक्षी सांसद वेल में आकर नारेबाजी करने लगे, जिससे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि सरकार हर नियम के तहत चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष को सदन की कार्यवाही चलने देनी चाहिए। हालांकि, विपक्ष लाठीचार्ज के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और पेपर लीक पर तत्काल बहस की मांग पर अड़ा रहा।


