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    चित्रकूट: घर की बत्ती गुल होने पर भड़के जज, पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति रुकवाई

    Chitrakoot Power Cut Controversy: मध्य प्रदेश के सतना जिले के अंतर्गत आने वाले चित्रकूट धाम कस्बे में एक जज के गुस्से के कारण हजारों लोगों को भीषण गर्मी में अंधेरे में रहने पर मजबूर होना पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार, अपने सरकारी आवास की बिजली गुल होने से नाराज एक न्यायिक अधिकारी ने कथित तौर पर पूरे कस्बे के एक बड़े हिस्से की बिजली आपूर्ति रुकवा दी, जिसके कारण 5 हजार से अधिक उपभोक्ता प्रभावित हुए।

    घर की बत्ती गुल होने पर भड़के जज

    यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब रखरखाव या किसी तकनीकी खराबी के चलते चित्रकूट स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राम अवतार पटेल के सरकारी आवास की बिजली गुल हो गई। भीषण गर्मी के इस मौसम में अचानक बिजली चले जाने से जज साहब का पारा चढ़ गया. उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों को तत्काल समस्या का समाधान करने को कहा। हालांकि, बिजली बहाल होने में कुछ समय लगने की बात सामने आने पर उन्होंने कथित तौर पर सख्त रुख अपना लिया।

    5 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं की काटी सप्लाई

    आरोप है कि अपने आवास की बिजली न आने से नाराज होकर जज ने अधिकारियों पर दबाव बनाया, जिसके बाद पूरे फीडर या संबंधित सब-स्टेशन से जुड़े एक बड़े इलाके की बिजली सप्लाई को ही बंद करवा दिया गया। इस वीआईपी गुस्से की कीमत चित्रकूट कस्बे के 5,000 से अधिक आम बिजली उपभोक्ताओं को चुकानी पड़ी। कई घंटों तक पूरा कस्बा अंधेरे में डूबा रहा, जिससे स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और बच्चों को इस झुलसाने वाली गर्मी में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

    कस्बे में मचा बवाल, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

    बिना किसी पूर्व सूचना या तकनीकी खराबी के अचानक पूरे कस्बे की बिजली काट दिए जाने और इसके पीछे की असली वजह सामने आने के बाद चित्रकूट में भारी बवाल मच गया

    • स्थानीय नागरिकों ने बिजली विभाग के इस कदम और न्यायिक अधिकारी के कथित अड़ियल रवैये के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।
    • लोगों का कहना था कि बिजली विभाग के अधिकारी आम जनता की जायज शिकायतों पर घंटों ध्यान नहीं देते, लेकिन एक रसूखदार व्यक्ति के गुस्से के आगे घुटने टेककर पूरे कस्बे को ही अंधेरे में धकेल देते हैं।

    इस विवाद के सोशल मीडिया और मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद प्रशासनिक और बिजली कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर मामले की जांच और स्थिति को संभालने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

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